दुर्ग : छत्तीसगढ़ के भिलाई में शातिर साइबर ठगों द्वारा एक निजी कंपनी के कर्मचारी को होटल के कमरे में डिजिटल अरेस्ट कर 40 लाख रुपए की बड़ी ठगी करने के मामले में दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. दुर्ग पुलिस ने मुख्य आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है. भिलाईनगर थाना क्षेत्र में दो साल पहले हुए चर्चित डिजिटल अरेस्ट मामले में छठवें आरोपी को गिरफ्तार किया है, एक निजी कर्मचारी को साइबर ठगों ने अपना शिकार बनाया था.
ठगों ने ऐसे दिया वारदात को अंजाम
ठगों
ने पीड़ित को फोन और वीडियो कॉल के जरिए संपर्क कर खुद को केंद्रीय जांच एजेंसी का
अधिकारी बताया और गंभीर मामले में फंसाने का खौफ दिखाया. इसके बाद पीड़ित को एक
होटल के कमरे के अंदर डिजिटल अरेस्ट कर किसी से भी संपर्क करने पर पाबंदी लगा दी
गई. डर के इस माहौल में बदमाशों ने अलग-अलग म्यूल बैंक खातों में कुल 40
लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए.
एसपी के निर्देश पर किया गया विशेष टीम
का गठन
मामले
की गंभीरता को देखते हुए एसपी मणिशंकर चंद्र के निर्देश पर भिलाईनगर पुलिस की एक
विशेष टीम का गठन किया गया. विवेचना के दौरान पूर्व में गिरफ्तार 05
आरोपियों के बयानों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर राजस्थान के
उदयपुर जिले के वल्लभनगर तहसील अंतर्गत ग्राम बना निवासी आरोपी रमेश सुथार की
मुख्य संलिप्तता सामने आई. पुलिस टीम ने राजस्थान में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार
कर लिया और न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है.
अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस
इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है. एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने
बताया की साइबर ठग अब लोगों को वीडियो कॉल पर फर्जी एजेंसी का डर दिखाकर डिजिटल
अरेस्ट जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. दुर्ग पुलिस ऐसे मामलों में बेहद सख्त
रुख अपना रही है. मुख्य आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया गया है. आम जनता से
अपील है कि किसी भी तरह के ऑनलाइन दबाव या धमकी में न आएं और ऐसी कोई भी घटना होने
पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर
संपर्क करें.