राजनांदगांव। निजी लोन के विवाद मे समझौता कराने के एवज में पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में बसंतपुर थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक किशोर यादव को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने गिरफ्तार किया है। बुधवार को एसीबी की टीम ने उसे रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 20 हजार रुपये लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
मिली
जानकारी के अनुसार मामला 18 लाख रुपये के निजी लोन से संबंधित है। आरोप है कि इस मामले
में सेटलमेंट कराने के नाम पर प्रधान आरक्षक किशोर यादव ने प्रार्थी गौरव अग्रवाल
से पांच लाख रुपये की मांग की थी। रिश्वत की मांग से परेशान होकर गौरव अग्रवाल ने
एसीबी में इसकी शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत
के बाद एसीबी ने बिछाया जाल
शिकायत
मिलने के बाद एसीबी की टीम ने पहले आरोपों का सत्यापन किया। इसके बाद प्रधान
आरक्षक को पकड़ने के लिए पूरी योजना तैयार की गई तय योजना के मुताबिक बुधवार को
प्रार्थी 20 हजार रुपये लेकर प्रधान आरक्षक के पास पहुंचा। जैसे ही उसने रिश्वत की
रकम सौंपी, पहले से तैनात एसीबी की टीम ने तत्काल कार्रवाई
करते हुए उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
एसीबी ने
हिरासत में लेकर शुरू की जांच
एसीबी के
उप पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी ने कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि
प्रार्थी की शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। आरोपी प्रधान आरक्षक किशोर
यादव को हिरासत में लेकर आगे की जांच की जा रही है।