रायपुर : छत्तीसगढ़ में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, बाल अपराधों की रोकथाम और संकट की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य बाल संरक्षण समिति के निर्देशन में प्रदेशभर में जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में रायपुर, बालोद और बेमेतरा की टीमों द्वारा स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों, किशोर-किशोरियों, शिक्षकों, अभिभावकों और आम नागरिकों को बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों एवं शासकीय योजनाओं की जानकारी दी गई।
रायपुर जिले में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098,
भाटागांव द्वारा स्काउट गाइड, बेमेतरा की टीम,
बालिकाओं के समूह, धूम्रपान करते पाए गए
बालकों तथा आने-जाने वाले यात्रियों को बाल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। इस
दौरान किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 एवं आदर्श नियम 2016, लैंगिक अपराधों से बालकों का
संरक्षण अधिनियम (च्व्ब्ैव्) 2012 एवं नियम 2020, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, दत्तक ग्रहण
विनियम 2022 सहित मिशन वात्सल्य, मुख्यमंत्री
बाल उदय योजना, बाल सक्षम नीति और बाल संरक्षण नीति की
जानकारी दी गई।
जागरूकता कार्यक्रम में बाल हिंसा,
शोषण, ट्रैफिकिंग, बाल
श्रम, बाल तस्करी और साइबर अपराध जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर
भी लोगों को सजग किया गया। साथ ही ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान तथा संकट की स्थिति में उपलब्ध
सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। किसी भी बच्चे के संकट में होने या बाल
अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिलाओं
के लिए 181 तथा आपातकालीन पुलिस सहायता के लिए 112 पर संपर्क करने की जानकारी भी दी गई।
रायपुर जिले में 13
अगस्त को शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खुड़मुड़ी (तिल्दा)
और शासकीय हाई स्कूल छतौद (तिल्दा) में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में 671 बच्चों और 16 शिक्षकों ने सहभागिता की।
विद्यार्थियों को बाल हितैषी सिद्धांतों, बाल अधिकारों,
पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, साइबर क्राइम तथा गुड
टच-बैड टच सहित विभिन्न विषयों की जानकारी दी गई। इस दौरान छतौद के आंगनबाड़ी
केंद्र क्रमांक-03 का भी निरीक्षण कर बच्चों, शिशुवती माताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका
को विभागीय योजनाओं और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के संबंध में
जागरूक किया गया।
इसी क्रम में बालोद जिले के विकासखंड
बालोद अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोंघाटोला में जिला बाल संरक्षण
इकाई एवं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 द्वारा
जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम 2012,
किशोर न्याय अधिनियम 2015, बाल विवाह प्रतिषेध
अधिनियम 2006, गुड टच-बैड टच, साइबर
क्राइम और बाल अधिकारों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में 113 बालक-बालिकाओं सहित विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं ने
सहभागिता की। बच्चों को किसी भी प्रकार के शोषण, हिंसा अथवा
संकट की स्थिति में सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।
बाल संरक्षण से जुड़ी इन गतिविधियों
के माध्यम से बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ समाज में
बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी, हिंसा, शोषण और
साइबर अपराध के विरुद्ध सजगता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। विभाग द्वारा आमजन से
अपील की गई है कि वे बच्चों के प्रति संवेदनशील रहें और किसी भी प्रकार की हिंसा,
शोषण या संकट की स्थिति में तत्काल संबंधित सहायता सेवाओं से संपर्क
कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहभागी बनें।