रायपुर : संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कला, संस्कृति और शास्त्रीय परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘विभागीय आयोजन 2026’ की श्रृंखला के अंतर्गत विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘पावस प्रसंग’ का आयोजन किया जा रहा है। वर्षा ऋतु की सौंदर्यपूर्ण अनुभूतियों और भारतीय शास्त्रीय कला परंपरा को केंद्र में रखकर आयोजित यह कार्यक्रम 21, 22, 24 एवं 25 अगस्त को रायपुर के मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, सिविल लाइंस में आयोजित होगा। कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 7 बजे से प्रारंभ होगा।
‘पावस प्रसंग’ में वर्षा ऋतु की प्राकृतिक सुंदरता, उमंग, उल्लास और संवेदनाओं को शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत के माध्यम से अभिव्यक्त
किया जाएगा। भारतीय कला परंपरा में वर्षा ऋतु का विशेष महत्व रहा है। बादलों की
गड़गड़ाहट, वर्षा की रिमझिम, प्रकृति
में नवजीवन का संचार और मन में जागृत होने वाले विविध भावों को कलाकार अपनी नृत्य
मुद्राओं, भावाभिव्यक्ति और सुरों के माध्यम से जीवंत करते
हैं। इसी समृद्ध सांस्कृतिक भावभूमि को ‘पावस प्रसंग’
के माध्यम से दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
संस्कृति विभाग की इस पहल का उद्देश्य
शास्त्रीय कला विधाओं को प्रोत्साहित करने के साथ ही आमजन को उच्चस्तरीय
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जोड़ना है। मुक्ताकाशी मंच का वातावरण इन प्रस्तुतियों
को और अधिक प्रभावशाली बनाएगा, जहां
दर्शक भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत की मनोहारी
प्रस्तुतियों का आनंद ले सकेंगे।
‘पावस प्रसंग’ वर्षा ऋतु की सांस्कृतिक और कलात्मक अनुभूति को केंद्र में रखकर आयोजित
होने वाला विशेष आयोजन है। इसमें प्रकृति और मानवीय भावनाओं के बीच के गहरे संबंध
को कला के माध्यम से सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। शास्त्रीय नृत्य की भावपूर्ण
मुद्राओं और संगीत की मधुर स्वर-लहरियों के माध्यम से वर्षा के विभिन्न रंगों और
संवेदनाओं को प्रस्तुत किया जाएगा।
संस्कृति विभाग द्वारा वर्ष 2026
में आयोजित की जा रही विभागीय आयोजनों की श्रृंखला का उद्देश्य
छत्तीसगढ़ सहित देश की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं को मंच प्रदान करना तथा
कलाकारों और दर्शकों के बीच जीवंत सांस्कृतिक संवाद को
बढ़ावा देना है। इसी कड़ी में ‘पावस प्रसंग’ शास्त्रीय कला प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
’संस्कृति और कला प्रेमियों से सहभागिता का आह्वान’
संस्कृति विभाग ने कला एवं संस्कृति
प्रेमियों से ‘पावस प्रसंग’ में सहभागी बनने का आह्वान किया है। चार दिनों तक आयोजित होने वाला यह
सांस्कृतिक आयोजन रायपुर में वर्षा ऋतु की प्राकृतिक अनुभूति को भारतीय शास्त्रीय
नृत्य और संगीत की सौंदर्यपूर्ण अभिव्यक्ति से जोड़ते हुए कला प्रेमियों के लिए
यादगार अनुभव प्रस्तुत करेगा।