रायपुर : वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) के सिहावल सागर एलीफेंट कैंप में विश्व हाथी दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य हाथियों के संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, मानव-हाथी द्वंद्व को कम करना और वन्यजीवों के साथ सह-अस्तित्व की भावना को मजबूत करना रहा।
पारंपरिक पूजा के बाद
हाथियों का किया गया सत्कार
कार्यक्रम की शुरुआत एलीफेंट कैंप
में मौजूद चारों हाथियों की पारंपरिक पूजा-अर्चना से हुई। पूजा के बाद हाथियों को
गुड़, केला, लड्डू और
गन्ना खिलाकर उनका सत्कार किया गया। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों ने हाथियों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए शपथ
ली।
महावत
और ‘हाथी मित्र दल’
का सम्मान
हाथियों की देखभाल,
सुरक्षा और निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले महावतों और ‘हाथी मित्र दल’ के सदस्यों को उनके उत्कृष्ट कार्यों
के लिए सम्मानित किया गया। वन विभाग ने कहा कि मानव-हाथी द्वंद्व को कम करने और
ग्रामीण क्षेत्रों में हाथियों की गतिविधियों की जानकारी समय पर पहुंचाने में
स्थानीय समुदाय और हाथी मित्र दल की भूमिका महत्वपूर्ण है।
संगोष्ठी
में बताया हाथियों का महत्व
शपथ ग्रहण के बाद ग्रामीणों के साथ
संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें हाथियों की पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण
भूमिका, वन संरक्षण तथा मानव-हाथी
सह-अस्तित्व के विषय में जानकारी दी गई। ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी
बनाए रखने और हाथियों की गतिविधियों की सूचना वन विभाग को देने के लिए प्रेरित
किया गया।
वन्यजीव
संरक्षण के लिए जनभागीदारी पर जोर
कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि
वन्यजीव संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है,
बल्कि इसमें स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी आवश्यक है। सरकार द्वारा
वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों को जनसहयोग से और प्रभावी
बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में मुख्य वन संरक्षक
(वन्यजीव) बिलासपुर एवं क्षेत्र संचालक श्रीमती प्रियंका पांडे,
उप संचालक श्री गणेश, सहायक संचालक (बफर) श्री
समीर जोनाथन, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के श्री उपेंद्र दुबे,
वरिष्ठ फोटोग्राफर एवं पत्रकार श्री सत्यप्रकाश पांडे, एटीआर के सभी रेंजर, स्थानीय सरपंच तथा सरसडोल गांव
के ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।