रायपुर : नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (नाफेड) ने किसानों को बिचौलियों से मुक्त करने और उन्हें सीधा लाभ पहुंचाने के लिए चार प्रमुख पहलों की शुरुआत की है। इनमें NAFEX.in , दृष्टि, ई.आर.पी. और नाफेड कल्याण शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ के
प्राधिकृत अधिकारी एवं नाफेड संचालक श्री शशिकांत द्विवेदी ने 22
एवं 23 जून 2026 को नई
दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में इन पहलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि NAFEX.in
पोर्टल विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। वर्ष 2014 में नाफेड बंद होने की कगार पर था, लेकिन प्रधानमंत्री
श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की आर्थिक सहायता से इसे फिर
से मजबूती दी गई। आज नाफेड 30,000 करोड़ रुपये के टर्नओवर और 500
करोड़ रुपये के मुनाफे के साथ देश के 74 लाख से
अधिक किसानों की सेवा कर रहा है।
श्री द्विवेदी ने कहा कि नाफेड की नई
व्यवस्था के तहत किसानों को उनकी उपज की कमाई मात्र 48
घंटे के अंदर सीधे बैंक खाते में पहुंचाई जा रही है। अगले दो वर्षों
में दालहन की एक-एक दाना खरीदी नाफेड द्वारा की जाएगी। साथ ही किसानों के बच्चों
की उच्च शिक्षा और कैरियर के लिए नाफेड कल्याण योजना शुरू की गई है, जिसमें मुनाफे का एक हिस्सा किसान परिवारों को दिया जाएगा।
’’केंद्रीय मंत्रियों
ने किया शुभारंभ’’
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री
श्री अमित शाह ने 23 जून 2026 को नई दिल्ली में NAFEX.in पोर्टल का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास
मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, सहकारिता राज्य मंत्री श्री
कृष्णपाल गुर्जर, नाफेड के अध्यक्ष श्री जे.एम. अहीर और अन्य
गणमान्य अधिकारी उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ से श्री शशिकांत द्विवेदी सहित नाफेड के
विभिन्न राज्यों के संचालक/प्राधिकृत अधिकारी भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।