रायपुर : उत्तर छत्तीसगढ़ की सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने और क्षेत्रीय विकास को नई गति देने के लिए एक बड़ी पहल शुरू हुई है। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के पत्र पर सकारात्मक कदम उठाते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने अम्बिकापुर, सीतापुर और पत्थलगांव बायपास को वर्तमान प्रस्तावित टू-लेन के स्थान पर फोर-लेन सड़क परियोजना के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर संज्ञान लिया है। केंद्रीय मंत्री ने इस मांग को आवश्यक परीक्षण और आगे की कार्यवाही के लिए संबंधित उच्चाधिकारियों को प्रेषित किया है।
यह परियोजना अम्बिकापुर-पत्थलगांव
सेक्शन (एनएच-43) के अंतर्गत आती है। इस
मार्ग पर लगातार बढ़ते यातायात के दबाव को देखते हुए स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों द्वारा लंबे समय से इसके
चौड़ीकरण की मांग की जा रही थी।
मंत्री
राजेश अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री गडकरी को लिखा था पत्र
क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं को
ध्यान में रखते हुए कैबिनेट मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं
राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर इसे फोर-लेन बनाने का विशेष
अनुरोध किया था। उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया था कि यह मार्ग न केवल
यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि
सरगुजा और जशपुर क्षेत्र के पर्यटन, व्यापार, उद्योग और कृषि विकास की जीवनरेखा है।
पर्यटन,
व्यापार और रोजगार के खुलेंगे नए रास्ते
केंद्रीय मंत्री द्वारा त्वरित
संज्ञान लिए जाने पर आभार व्यक्त करते हुए मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि
अम्बिकापुर, सीतापुर और पत्थलगांव
क्षेत्र के लोगों की यह बहुप्रतीक्षित मांग रही है। इस मार्ग का फोर-लेन विस्तार
होने से यातायात सुगम और सुरक्षित होगा। सरगुजा और जशपुर अंचल प्राकृतिक और
सांस्कृतिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध हैं। बेहतर कनेक्टिविटी होने से
यहाँ पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी, निवेश आएगा और स्थानीय
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
क्षेत्र
के विकास में साबित होगा मील का पत्थर
उल्लेखनीय है कि
अम्बिकापुर-पत्थलगांव मार्ग उत्तर छत्तीसगढ़ को राज्य के अन्य हिस्सों सहित पड़ोसी
राज्यों से जोड़ने वाला एक मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग है। इस मार्ग के फोर-लेन में
अपग्रेड होने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और सुरक्षा बढ़ेगी। यात्रा के समय में
भारी बचत होगी। माल परिवहन (लॉजिस्टिक्स) की दक्षता में सुधार होगा। सरगुजा और
जशपुर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच बेहद आसान हो जाएगी।
मंत्री श्री अग्रवाल ने विश्वास
जताया है कि केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से यह महत्वपूर्ण परियोजना
जल्द ही धरातल पर उतरेगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी।