April 07, 2026


मिट्टी के घर से सपनों के आशियाने तक-मेहनत से बदली घर की तस्वीर, सरकारी मदद और खुद के जज़्बे से आई खुशहाली

अब दूसरों के लिए प्रेरणा बने बोड़ार के पारसलाल

रायपुर : प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य गरीबों को पक्के घर प्रदान करना है। इस योजना के तहत शहरी और ग्रामीण आवासहीन नगारिकों को आवास निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इस योजना से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग ,निम्न आय समूह और मध्यम आय समूह के लोग जिनके पास अपना पक्का घर नहीं है, उन्हे सुरक्षित घर सुनिश्चित करना है। 

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाएं आज सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से ग्राम्य जीवन में एक नई रोशनी आई है। इसी बदलाव की जीवंत मिसाल हैं कोरिया जिला के ग्राम पंचायत बोड़ार के पारसलाल, जिनकी मेहनत और सकारात्मक सोच ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे गांव की दिशा बदल दी है।

पारसलाल ने बदली सोच, बदला माहौल

ग्राम पंचायत बोड़ार निवासी पारसलाल ने योजना का लाभ लेकर अपने पक्के घर का निर्माण समय पर पूरा किया। लेकिन उनकी कहानी यहीं नहीं रुकी, उन्होंने अपने अनुभव को गांव के अन्य लोगों तक पहुंचाया और उन्हें भी अपने घर बनाने के लिए प्रेरित किया। आज वे पूरे गांव में एक सकारात्मक बदलाव के सूत्रधार बन चुके हैं।

तेजी से बदली गांव की तस्वीर

सोनहत जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाले इस गांव में वर्ष 2024-25 के दौरान अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला। पहले जहां योजनाओं के प्रति जागरूकता और उत्साह कम था, वहीं अब पारसलाल की प्रेरणा से लोग तेजी से पक्के आवास बना रहे हैं और अपने जीवन को बेहतर बना रहे हैं।

खुशहाली का नया आशियाना

पक्के मकानों ने न केवल सुरक्षा और सुविधा दी है, बल्कि परिवारों के जीवन में सम्मान और स्थिरता भी लाई है। अब महिलाएं और बच्चे सुरक्षित माहौल में रह रहे हैं और मौसम की मार से भी राहत मिली है। हर घर में अब एक नई उम्मीद और खुशहाली दिखाई देती है। पारसलाल आज इस बात का उदाहरण हैं कि यदि व्यक्ति ठान ले, तो सरकारी योजनाओं का सही उपयोग कर न सिर्फ अपनी जिंदगी, बल्कि पूरे समाज को बदल सकता है।


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