रायपुर : कभी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करने वाली कमार जनजाति के जीवन में अब बदलाव की नई तस्वीर नजर आने लगी है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन ने कांकेर जिले के नरहरपुर विकासखंड के मावलीपारा, बिहावापारा, मारवाड़ी, धनोरा, सांईमुण्डा, मुसुरपुट्टा, दुधावा, बासनवाही, गंवरसिल्ली, भैंसमुण्डी, दलदली, बादल और डोमपदर गांव में रहने वाले विशेष रूप से पिछड़े कमार समुदाय के जीवन स्तर को नई दिशा दी है।
इन 13 गांवों में रहने वाले 72 परिवारों की 283 की आबादी अब योजनाओं के जरिए मुख्यधारा से जुड़ रही है। इस समुदाय के लोगों
को स्वच्छ पेयजल, बिजली, सड़क और स्वास्थ्य
जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं। हर घर तक नल-जल योजना का लाभ पहुंचा है,
वहीं मोबाइल मेडिकल यूनिट और आंगनबाड़ी सेवाओं से स्वास्थ्य और पोषण
की स्थिति भी सुधरी है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 22 परिवारों को पक्के मकान मिल चुके हैं। सड़कों के निर्माण से गांवों की
कनेक्टिविटी मजबूत हुई है, जिससे बाजार और अन्य सेवाओं तक
पहुंच आसान हुई है।
केंद्र और राज्य की योजनाओं के
समन्वय से आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जनधन खाते, पीएम
किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधाओं से भी कमार परिवारों को
जोड़ा गया है। 09 केंद्रीय मंत्रालयों के सहयोग से संचालित 11
गतिविधियों के माध्यम से इन पीवीटीजी परिवारों तक योजनाओं का
शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित किया गया है। यह पहल न केवल बुनियादी जरूरतों को पूरा कर
रही है, बल्कि इस विशेष जनजाति को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा
में ठोस कदम साबित हो रही है।