रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के कायाकल्प के लिए संचालित 'नियद नेल्लानार' (आपका अच्छा गाँव) योजना अब धरातल पर सार्थक परिणाम दे रही है। जिला बीजापुर के दुर्गम क्षेत्र ग्राम पालनार में आयुष्मान आरोग्य मंदिर के खुलने से 28 जनवरी 2026 से अब तक सैकड़ों ग्रामीणों को उनके घर के समीप ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
रिकॉर्ड
ओपीडी और इनडोर सुविधाएं
पालनार और आस-पास के गांवों में
स्वास्थ्य के प्रति आई इस जागरूकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस
अल्प अवधि में ही कुल 747 मरीजों ने ओपीडी (OPD)
सेवाओं का लाभ उठाया है। इसके अलावा, आवश्यकतानुसार
16 मरीजों को भर्ती कर उनका सफलतापूर्वक उपचार किया गया।
पहले जिन ग्रामीणों को छोटी बीमारियों के लिए भी मीलों पैदल चलना पड़ता था, उन्हें अब विशेषज्ञ परामर्श और निःशुल्क दवाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल रही
हैं।
मातृत्व
एवं शिशु स्वास्थ्य
सुरक्षित
प्रसव और त्वरित सेवाएं
संवेदनशील क्षेत्रों में संस्थागत
प्रसव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस केंद्र में अब तक 5
सुरक्षित प्रसव कराए गए हैं। शासन की मंशा के अनुरूप, नागरिकों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु नवजातों के जन्म प्रमाण
पत्र भी प्रदान किए गए। साथ ही, क्षेत्र की 15 गर्भवती महिलाओं (ANC) और 18 धात्री
माताओं (PNC) की नियमित स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण सुनिश्चित
किया गया है।
गंभीर
बीमारियों की समय पर पहचान (NCD स्क्रीनिंग)
योजना के तहत गैर-संचारी रोगों (NCD)
पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पालनार केंद्र में अब तक 250
ग्रामीणों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की गई, जिसमे
25 मरीज उच्च रक्तचाप (Hypertension) से
ग्रसित पाए गए।
बारह मरीज मधुमेह (Diabetes) से पीड़ित मिले।
एक ग्रामीण में ब्रेस्ट कैंसर के
लक्षण मिलने पर तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्र हेतु रेफर किया गया। पालनार में
आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सफलता यह दर्शाती है कि शासन की योजनाएं अब अंतिम व्यक्ति
तक पहुंच रही हैं। इससे न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हुआ है,
बल्कि ग्रामीणों का प्रशासन के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ हुआ है।