रायपुर. ऑनलाइन जुआ खेलने की लत और कर्ज चुकाने की मजबूरी में एक युवक ने रिश्तों को ही ताक पर रख दिया. उसने अपने सगे जीजा के सूने मकान को निशाना बनाकर लाखों रुपए के सोने, चांदी और हीरे के जेवरात सहित नकदी चोरी कर ली. मामले में पुलिस ने आरोपी साले को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी किए गए 25 तोला सोने के जेवरात बरामद किए हैं. बरामद जेवरात की कीमत करीब 37 लाख रुपए बताई गई है. आरोपी ने चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए घर की रेकी करने के साथ ही छोटे ग्राइंडर मशीन का इस्तेमाल कर दरवाजे का ताला और कुंडी तोड़ी थी.
पुलिस के मुताबिक,
टिकरापारा क्षेत्र के लक्ष्मी नगर निवासी अनिल शर्मा कृषि विभाग में
तकनीकी विशेषज्ञ हैं और वर्तमान में कोंडागांव में पदस्थ हैं. उनका परिवार भी
कोंडागांव में रहता है. रायपुर स्थित उनके मकान के प्रथम और द्वितीय तल पर
माता-पिता तथा बड़े भाई का परिवार रहता है, जबकि तीसरे तल पर
उनका निवास है.
28 अक्टूबर को मकान की
साफ-सफाई करने वाली महिला ने सफाई के बाद ताला लगाकर चाबी उनकी मां सुमित्रा शर्मा
को सौंप दी थी. 30 अक्टूबर की सुबह उनकी मां ने फोन कर बताया
कि मकान के मुख्य दरवाजे का ताला कटा हुआ है. सूचना मिलने पर अनिल शर्मा रायपुर
पहुंचे तो कमरे में रखी आलमारी और लॉकर टूटे मिले. आलमारी से सोने, चांदी और हीरे के आभूषणों के साथ नकदी भी गायब थी.
इसकी रिपोर्ट पर टिकरापारा पुलिस ने
अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 1004/26 के तहत बीएनएस की धारा 331(4) और 305 में मामला दर्ज किया. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त
(क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (पश्चिम क्षेत्र) रॉबिन्सन
गुरिया के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा टिकरापारा पुलिस की संयुक्त
टीम ने जांच शुरू की. पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज
खंगाले. फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति मकान की दीवार फांदकर अंदर प्रवेश करते और
सीढ़ियों के रास्ते तीसरी मंजिल तक जाते दिखाई दिया.
जांच में संदिग्ध की पहचान प्रार्थी
के साले प्रियंक उर्फ शुभम पाण्डेय के रूप में हुई. पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर
पूछताछ की तो शुरुआत में वह लगातार बयान बदलकर पुलिस को गुमराह करता रहा. हालांकि,
साक्ष्यों के आधार पर कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने चोरी करना
स्वीकार कर लिया.
दो दिन जीजा के घर रुककर
जुटाई थी जानकारी
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे
ऑनलाइन जुआ खेलने की लत है और इस कारण उस पर काफी कर्ज हो गया था. कर्ज चुकाने के
लिए उसने अपने जीजा के घर चोरी करने की योजना बनाई. कुछ दिन पहले वह अपनी बहन के
साथ जीजा के घर दो दिन तक रुका था. इसी दौरान उसे पता चला कि आलमारी में सोने,
चांदी और हीरे के आभूषणों के साथ नकदी रखी हुई है. उसे यह भी
जानकारी थी कि उसकी बहन कोंडागांव चली गई है और मकान सूना है. इसी का फायदा उठाकर
उसने वारदात को अंजाम दिया.
चोरी के बाद आलमारी में
व्यवस्थित रखे कपड़े
आरोपी ने चोरी के दौरान पहचान छिपाने
और पुलिस को भ्रमित करने के लिए भी योजना बनाई थी. वह मकान की दीवार फांदकर अंदर
पहुंचा और छोटे ग्राइंडर मशीन से दरवाजे की कुंडी व ताला तोड़कर तीसरी मंजिल स्थित
मकान में दाखिल हुआ. इसके बाद आलमारी का लॉकर तोड़कर जेवरात और नकदी चोरी कर ली.
संदेह से बचने के लिए उसने कुछ आभूषण वहीं छोड़ दिए और कपड़ों को व्यवस्थित कर
आलमारी में रख दिया, ताकि परिजनों को
तत्काल उस पर शक न हो. वारदात के बाद वह मौके से फरार हो गया.
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके
कब्जे से चोरी के 25 तोला सोने के
जेवरात बरामद किए हैं. इनकी अनुमानित कीमत करीब 37 लाख रुपए
है. आरोपी की पहचान प्रियंक उर्फ शुभम पाण्डेय (31), पिता
देवेंद्र पाण्डेय, निवासी वार्ड क्रमांक 13 पंजाबीपारा, थाना कोतवाली, जिला
महासमुंद के रूप में हुई है. वह वर्तमान में प्रिंस कॉलोनी, लक्ष्मी
नगर, टिकरापारा रायपुर में रह रहा था.
पुलिस की कार्रवाई
एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और
टिकरापारा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के
आधार पर आरोपी की पहचान कर गिरफ्तारी की. मामला बीएनएस की धारा 331(4)
और 305 के तहत दर्ज है.