रायपुर : पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आज रायपुर स्थित अपने शासकीय आवास में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 137वें संस्करण का सामूहिक श्रवण किया। इस अवसर पर अंबिकापुर की महापौर श्रीमती मंजूषा भगत सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े नागरिक उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने
अपने संबोधन में देश की विविध उपलब्धियों, सामाजिक
सरोकारों, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और जनभागीदारी से
जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर देशवासियों से संवाद किया। कार्यक्रम में इतिहास को
डिजिटल माध्यमों से संरक्षित करने के अभिनव प्रयासों से लेकर युवाओं को नशे से दूर
रखने, स्वच्छता, स्थानीय उद्यमिता,
कृषि में वैज्ञानिक नवाचार और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने जैसे
विषय प्रमुखता से सामने आए।
डिजिटल माध्यमों से
इतिहास और विरासत के संरक्षण पर जोर
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने इतिहास और देश की समृद्ध विरासत को आधुनिक डिजिटल
माध्यमों के जरिए सहेजने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने ऐसे प्रयासों को
आने वाली पीढ़ियों को अपने अतीत, गौरव और सांस्कृतिक मूल्यों
से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री
राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत हमारी पहचान और हमारी सबसे
बड़ी ताकतों में से एक है। इतिहास, लोक
परंपराओं, कला और सांस्कृतिक धरोहरों को आधुनिक तकनीक के
माध्यम से संरक्षित करना समय की आवश्यकता है। इससे हमारी विरासत आने वाली पीढ़ियों
तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगी।
नशा मुक्त युवा और
विकसित भारत का संकल्प
प्रधानमंत्री ने ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ अभियान
के तहत ड्रग फ्री इंडिया के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया। युवाओं को नशे
से दूर रखते हुए उनकी ऊर्जा को रचनात्मक और राष्ट्रहित के कार्यों में लगाने पर
विशेष जोर दिया गया।
मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि युवा
शक्ति भारत के भविष्य की आधारशिला है। स्वस्थ, जागरूक
और नशामुक्त युवा ही विकसित भारत के निर्माण में अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान
दे सकते हैं। समाज के हर वर्ग को मिलकर युवाओं के लिए सकारात्मक और प्रेरक वातावरण
तैयार करना होगा।
तिरंगा यात्रा ने जगाई
राष्ट्रप्रेम की भावना
प्रधानमंत्री ने अगस्त माह में देशभर
में आयोजित भव्य तिरंगा यात्राओं का उल्लेख करते हुए इनमें लोगों की उत्साहपूर्ण
भागीदारी को राष्ट्रभावना की अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल एक
ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता,
अखंडता और गौरव का प्रतीक है।
रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों
को आत्मनिर्भर बनाने में पीएम स्वनिधि की भूमिका
‘मन की बात’ में छोटे रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाली पीएम
स्वनिधि योजना का भी उल्लेख किया गया। इस योजना के माध्यम से छोटे उद्यमियों को
अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक सहयोग और आत्मनिर्भरता का अवसर मिल रहा
है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि छोटे व्यवसाय
हमारे स्थानीय अर्थतंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। जब एक छोटा दुकानदार,
ठेला संचालक या रेहड़ी-पटरी व्यवसायी अपने पैरों पर मजबूती से खड़ा
होता है, तो इसका सीधा लाभ उसके परिवार और स्थानीय
अर्थव्यवस्था को मिलता है।
स्वच्छता को निरंतर
जनआंदोलन बनाए रखने का संदेश
प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान
की निरंतरता पर भी चर्चा की और स्वच्छता को केवल किसी अभियान तक सीमित न रखते हुए
इसे दैनिक जीवन की आदत और सामाजिक जिम्मेदारी बनाने पर जोर दिया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा
कि स्वच्छता और पर्यटन एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। स्वच्छ पर्यटन स्थल न केवल
पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, बल्कि
स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी पैदा करते हैं।
छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में स्वच्छता की
महत्वपूर्ण भूमिका है।
अमरनाथ यात्रा और
आध्यात्मिक पर्यटन की समृद्ध परंपरा
प्रधानमंत्री ने हाल ही में संपन्न
हुई श्री अमरनाथ जी की पावन यात्रा का उल्लेख करते हुए देश की आध्यात्मिक एवं
धार्मिक यात्रा परंपरा की व्यापकता को रेखांकित किया। भारत में धार्मिक एवं
आध्यात्मिक पर्यटन केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि
स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का
भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि भारत की
आध्यात्मिक यात्राएं हमारी प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखती हैं।
छत्तीसगढ़ भी राम वन गमन पथ, माता
कौशल्या की नगरी और अनेक प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के माध्यम से देश
की आध्यात्मिक पर्यटन परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
कृषि में आधुनिक विज्ञान
और नवाचार से किसानों की समृद्धि
प्रधानमंत्री ने किसानों की आय और
कृषि क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने के लिए आधुनिक वैज्ञानिक नवाचारों के महत्व पर
भी प्रकाश डाला। कृषि में नई तकनीक, वैज्ञानिक
पद्धतियों और नवाचारों का उपयोग किसानों को बदलती परिस्थितियों के अनुरूप अधिक
सक्षम बनाने में सहायक है।
मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि कृषि
में विज्ञान और तकनीक का समावेश किसानों के लिए नए अवसर खोल रहा है। आधुनिक
नवाचारों के साथ स्थानीय अनुभव और पारंपरिक ज्ञान का समन्वय खेती को अधिक टिकाऊ और
लाभकारी बना सकता है।
‘Vocal for Local’ से
स्थानीय उत्पादों को मिलेगा नया बाजार
प्रधानमंत्री ने स्वदेशी और स्थानीय
उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘Vocal for
Local’ के मंत्र को भी दोहराया। स्थानीय उत्पादों को अपनाने और
उन्हें व्यापक बाजार उपलब्ध कराने से कारीगरों, शिल्पकारों,
छोटे उद्यमियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि हमारे
स्थानीय शिल्प, हस्तकला, लोककलाएं और पारंपरिक उत्पाद केवल वस्तुएं नहीं हैं, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान के वाहक हैं। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा
देने से संस्कृति का संरक्षण होने के साथ-साथ कलाकारों और कारीगरों की आजीविका भी
मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देश के अलग-अलग क्षेत्रों में
हो रहे सकारात्मक कार्यों, नवाचारों और जनभागीदारी की प्रेरक
कहानियों को सामने लाने का प्रभावी माध्यम है। ऐसे संवाद समाज में सकारात्मक सोच
को बढ़ावा देते हैं और नागरिकों को अपने स्तर पर राष्ट्रहित में योगदान देने के
लिए प्रेरित करते हैं।
मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रेरणादायी संबोधन के लिए आभार व्यक्त करते
हुए कहा कि ‘मन की बात’ देश के करोड़ों नागरिकों को एक-दूसरे से जोड़ने और देश के विभिन्न हिस्सों
में हो रहे रचनात्मक प्रयासों को साझा करने का सशक्त माध्यम है। प्रधानमंत्री जी
का मार्गदर्शन हमें अपनी संस्कृति, पर्यावरण, स्थानीय अर्थव्यवस्था, युवा शक्ति और विकास के लिए
निरंतर बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देता है।