रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और आमजनों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 134वीं कड़ी का श्रवण किया। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का ‘मन की बात’ छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व, प्रेरणा और आत्मविश्वास का क्षण बन गया, क्योंकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय मंच से प्रदेश की प्रतिभा और सांस्कृतिक धरोहर दोनों का उल्लेख कर पूरे छत्तीसगढ़ का सम्मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब देश का सर्वाेच्च नेतृत्व किसी राज्य की उपलब्धियों और प्रतिभाओं का उल्लेख करता है, तो वह केवल व्यक्तियों का सम्मान नहीं होता, बल्कि करोड़ों प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं, परिश्रम और पहचान को राष्ट्रीय प्रतिष्ठा मिलती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ आज देश के सकारात्मक प्रयासों, नवाचारों, प्रतिभाओं और प्रेरक जीवन यात्राओं को
राष्ट्रीय पहचान देने वाला एक सशक्त मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री
श्री नरेंद्र मोदी ने आज जशपुर जिले के छोटे से गांव घुइटांगर से निकलकर राष्ट्रीय
और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले युवा धावक अनिमेष कुजूर की उपलब्धि का
उल्लेख कर प्रदेश के युवाओं को यह संदेश दिया है कि सीमित संसाधन किसी प्रतिभा की
उड़ान को रोक नहीं सकते, यदि उसके भीतर लक्ष्य के प्रति
समर्पण और मेहनत का जुनून हो।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की
बात’ में अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह की उपलब्धि को जिस
आत्मीयता और प्रेरक शैली में प्रस्तुत किया, वह देश के
युवाओं में नई ऊर्जा भरने वाला है। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान दोनों खिलाडि़यों
से फोन पर संवाद करते हुए उल्लेख किया कि पुरुषों की 100 मीटर
दौड़ में महज दो दिनों के भीतर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार टूटा और इसे उन्होंने
खेलों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का अद्भुत उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री श्री साय
ने कहा कि यह केवल रिकॉर्ड टूटने की कहानी नहीं, बल्कि
भारतीय युवाओं के आत्मविश्वास, अनुशासन और विश्वस्तरीय सोच
की कहानी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि
छत्तीसगढ़ के युवा धावक अनिमेष कुजूर ने 100 मीटर दौड़ मात्र 10.15 सेकंड में पूरी कर नया
रिकॉर्ड स्थापित किया है और राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए
क्वालीफाई कर प्रदेश तथा देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अनिमेष की यात्रा
विशेष रूप से प्रेरणादायक है, क्योंकि जशपुर के ग्रामीण
परिवेश से निकलकर सैनिक स्कूल अंबिकापुर से शिक्षा प्राप्त करने वाले इस युवा ने
सीमित परिस्थितियों में अपनी मेहनत, अनुशासन और परिवार के
सहयोग के दम पर विश्वस्तरीय मंच तक पहुंचने का सफर तय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा
कि अनिमेष की उपलब्धि यह साबित करती है कि छत्तीसगढ़ की धरती प्रतिभाओं से
परिपूर्ण है और उचित अवसर मिलने पर यहां के युवा विश्व पटल पर अपनी पहचान स्थापित
कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने
प्रधानमंत्री और अनिमेष कुजूर के बीच हुए संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा
खिलाड़ी की सोच विशेष रूप से प्रेरक है। प्रधानमंत्री से बातचीत में अनिमेष ने
बताया कि किस प्रकार कोविड काल के दौरान खेल के प्रति रुचि बढ़ी,
साथियों के प्रोत्साहन से एथलेटिक्स में प्रवेश हुआ और कठिन
चुनौतियों तथा संदेहों के बावजूद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखने का संकल्प लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष ने यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय खिलाड़ी
विश्वस्तरीय स्प्रिंटिंग में नई पहचान बना सकते हैं और भारतीय युवा किसी भी
क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यह आत्मविश्वास नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम में खेल भावना का अत्यंत प्रेरक
उदाहरण प्रस्तुत करते हुए यह संदेश दिया कि प्रतिस्पर्धा केवल एक-दूसरे को पीछे
छोड़ने के लिए नहीं, बल्कि देश का मान
बढ़ाने के लिए होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा कही गई यह बात कि
ष्एक-दूसरे को चुनौती भी देना है, आगे निकलने का प्रयास भी
करना है और साथ ही एक-दूसरे की मदद के लिए भी खड़े रहना है” वास्तव
में भारत की नई खेल संस्कृति की पहचान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भी
इसी सोच के साथ प्रतिभाशाली खिलाडि़यों को प्रशिक्षण, बेहतर
खेल अधोसंरचना और अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी
द्वारा बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक मल्हार में ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत
प्राप्त दुर्लभ ताम्र-पट्टिकाओं का उल्लेख किया जाना भी छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और
सांस्कृतिक चेतना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 1400
से 1500 वर्ष पुरानी मानी जा रही ये
ताम्र-पट्टिकाएं पांडुवंशी शासनकाल, विशेष रूप से महर्षि
बालार्जुन काल से जुड़ी मानी जा रही हैं, जो उस समय की शासन
व्यवस्था, संस्कृति, धर्म और सामाजिक
जीवन की महत्वपूर्ण जानकारी देती हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन ब्राह्मी लिपि और
पाली भाषा में लिखी गई यह धरोहर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा का सशक्त
प्रमाण है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि
राज्य सरकार भारत और छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक
और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य
कर रही है। उन्होंने कहा कि मल्हार की यह खोज केवल पुरातात्विक उपलब्धि नहीं,
बल्कि हमारी सांस्कृतिक स्मृति, ऐतिहासिक
चेतना और आने वाली पीढि़यों के ज्ञान-विस्तार से जुड़ा महत्वपूर्ण अध्याय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रधानमंत्री राष्ट्रीय मंच से ऐसी उपलब्धियों का उल्लेख
करते हैं, तो इससे विरासत संरक्षण के प्रति समाज में नई
जागरूकता और सम्मान की भावना भी विकसित होती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज
का ‘मन की बात’ एपिसोड
इस बात का सशक्त उदाहरण है कि नया भारत अपनी प्रतिभा, परिश्रम,
खेल भावना, संस्कृति और विरासत - सभी को समान
सम्मान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर जशपुर का युवा
खिलाड़ी देश को नई गति देने का सपना देख रहा है और दूसरी ओर मल्हार की धरोहर भारत
के गौरवशाली अतीत की कहानी कह रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह
दोहरी उपलब्धि पूरे प्रदेश में आत्मगौरव, प्रेरणा और नई
ऊर्जा का संचार करने वाली है। इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी के चेयरमैन श्री दीपक म्हस्के सहित बड़ी संख्या में
जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और आमजन उपस्थित
थे।