रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान (बस्तर मुन्ने) एवं सुशासन तिहार के अंतर्गत सुकमा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक सुलभ कराने के लिए एक बेहद संवेदनशील पहल की जा रही है। इसी कड़ी में दोरनापाल शहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने 70 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे बुजुर्गों के घर पहुंचकर आयुष्मान वय वंदन कार्ड बनाए, जो शारीरिक अस्वस्थता के कारण चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं।
कोई भी जरूरतमंद योजना
के लाभ से न छूटे
शासन की मंशा है कि कोई भी पात्र और
जरूरतमंद बुजुर्ग इस जनकल्याणकारी योजना के लाभ से वंचित न रहे,
इसीलिए स्वास्थ्य अमला स्वयं घर-घर दस्तक दे रहा है। दोरनापाल
निवासी वयोवृद्ध श्री आत्माराम साहू का भी उनके निवास पर पहुंचकर कार्ड तैयार किया
गया। प्रशासन की इस संवेदनशीलता को देखकर वे भावुक हो उठे और प्रसन्नता व्यक्त
करते हुए कहा कि शासन-प्रशासन के इस प्रयास से अब उन्हें वृद्धावस्था में गंभीर
बीमारियों के इलाज के लिए कोई आर्थिक चिंता नहीं सताएगी।
वरिष्ठ नागरिकों को 5
लाख रूपए तक की कैशलेस सुरक्षा
उल्लेखनीय है कि आयुष्मान वय वंदन
योजना के तहत 70 वर्ष या उससे अधिक आयु
के सभी वरिष्ठ नागरिकों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक की
निःशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा और कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जाती है। यह
योजना समाज के बुजुर्गों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक स्वास्थ्य सुरक्षा देने की
दिशा में राज्य सरकार का एक ऐतिहासिक कदम है।
जनसेवा और संवेदनशील
प्रशासन की मिसाल
सुकमा जिले में जिला प्रशासन की यह
अनूठी मुहिम सुशासन तिहार के मूल उद्देश्यों को धरातल पर साकार कर रही है। यह
अभिनव प्रयास न केवल यह सुनिश्चित कर रहा है कि शासकीय योजनाओं का लाभ समाज के
अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक समय पर और पूरी प्रामाणिकता के साथ पहुंचे,
बल्कि यह जनसेवा और संवेदनशील प्रशासन की एक प्रेरक मिसाल भी पेश कर
रहा है।