रायपुर : विश्व बाल सुरक्षा दिवस 1 जून के अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेशवासियों से बच्चों की सुरक्षा, अधिकारों की रक्षा और उनके समग्र विकास के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि बच्चे
किसी भी राष्ट्र की सबसे अमूल्य धरोहर होते हैं। उनका सुरक्षित,
स्वस्थ और स्नेहपूर्ण वातावरण में विकास होना एक मजबूत और संवेदनशील
समाज की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों के प्रति हिंसा,
उपेक्षा और शोषण की घटनाएं समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं,
जिन पर रोक लगाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।
उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण केवल
सरकारी योजनाओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि
यह समाज के प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। बच्चों की मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक आवश्यकताओं को समझते हुए ऐसा सकारात्मक वातावरण
तैयार करना आवश्यक है, जहां वे निर्भय होकर अपने सपनों को
साकार कर सकें।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि
हर बच्चे की मुस्कान उसके सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन से जुड़ी होती है। यदि समाज
बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सजग रहेगा, तभी
आने वाली पीढ़ी आत्मविश्वासी, शिक्षित और संस्कारित बन
सकेगी।
उन्होंने विश्व बाल सुरक्षा दिवस के
अवसर पर सभी नागरिकों से यह संकल्प लेने की अपील की कि हर बच्चे को सुरक्षित बचपन,
बेहतर शिक्षा, स्नेह और संरक्षण प्रदान करने
में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे, ताकि प्रदेश और
देश का भविष्य मजबूत एवं उज्ज्वल बन सके।