कोरिया : जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था उस समय कटघरे में आ गई, जब कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने गुरुवार सुबह पोड़ी-बचरा और चिरमी स्वास्थ्य केंद्रों पर अचानक छापा मारा। निरीक्षण में न केवल कई डॉक्टर और कर्मचारी ड्यूटी से गायब मिले, बल्कि अस्पतालों में गंदगी और अव्यवस्था का आलम भी सामने आया। हालात देखकर कलेक्टर ने मौके पर ही नाराजगी जताते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
अनुपस्थित व अव्यवस्था
देख नाराज हुए कलेक्टर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
पोड़ी-बचरा में बीएमओ डॉ. बृजेश साहू, मेडिकल
ऑफिसर डॉ. जितेंद्र सिंह और डॉ. रोहित शर्मा, फार्मासिस्ट
श्री धातेश्वर सिंह सराठिया तथा नेत्र सहायक श्री रोशन कुमार अनुपस्थित पाए गए
वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिरमी में भी मेडिकल ऑफिसर
डॉ. विक्रम निराला और स्टाफ नर्स चंदारानी गैरहाजिर मिले।
निरीक्षण के दौरान जब कलेक्टर
वार्डों में पहुंचीं तो वहां गंदे बेडशीट, अव्यवस्थित
बिस्तर और भोजन स्थल पर फैली गंदगी, दवाई के अव्यवस्थित
रखरखाव को देखकर वे भड़क उठीं। उन्होंने साफ कहा कि मरीजों के साथ इस तरह की
लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएमएचओ की जिम्मेदारी
तय, करना होगा नियमित
निरीक्षण
कलेक्टर ने तत्काल मुख्य चिकित्सा
एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. प्रशांत सिंह को निर्देश दिए कि सभी
अनुपस्थित डॉक्टरों और कर्मचारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किया जाए। साथ ही
उन्होंने सीएमएचओ की जिम्मेदारी तय करते हुए जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों का
नियमित निरीक्षण करने के आदेश दिए।
अस्पताल प्रबंधन को
फटकार
अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाते हुए
कलेक्टर ने चेतावनी दी कि यदि साफ-सफाई और व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो सीधे
कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल ऐसी जगह है,
जहां लोग भरोसे के साथ आते हैं, इसलिए यहां
लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है।
शिशुवती से की मुलाकात,
योजना के बारे में दी जानकारी
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने
अस्पताल में भर्ती शिशुवती महिलाओं से भी बातचीत की और उन्हें प्रधानमंत्री मातृ
वंदन योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत गर्भवती और
स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पहले बच्चे के लिए 5,000 रुपए की आर्थिक सहायता तीन किश्तों में दी जाती है।
स्टाफ की मौजूदगी से
मरीजों की आधी परेशानी खत्म
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अस्पतालों
में डॉक्टरों और स्टाफ की समय पर मौजूदगी से ही मरीजों की आधी परेशानी खत्म हो
जाती है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को सख्त निर्देश दिए कि नियमित जांच,
उपचार और साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए, अन्यथा
जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई तय है।