रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को कांग्रेस ने एसआईआर का मुद्दा उठाया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने एसआईआर पर स्थगन प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव पेश करते हुए श्री महंत ने कहा कि, 19 लाख 13 हजार 450 लोग लापता हैं।
उन्होंने कहा कि,
छत्तीसगढ़ में इतने लोगों के नाम काट दिए गए हैं। जिनके नाम काटे गए
हैं आज तक उनका पता नहीं चला। उनके खिलाफ रिपोर्ट है, न कोई
जानकारी है। गायब लोगों की न पुलिस, न सरकार को चिंता है।
महंत के प्रसताव का भाजपा विधायकों
ने किया विरोध
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने सदन
में इस पर चर्चा कराने की मांग की। महंत के प्रस्ताव रखते ही सत्तापक्ष के
विधायकों ने इसका विरोध किया। तब फिर दोनो ओर से कई विधायक एक साथ जोर-जोर से
बोलने लगे। इस तरह से सदन में भारी हंगामा होने लगा।
केदार कश्यप ने एसआईआर को बताया
केंद्र सरकार का विषय
एसआईआर पर चर्चा की नेता प्रतिपक्ष
की मांग के बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होन लगी। सत्तापक्ष ने कहा- कांग्रेस
के पास मुद्दा नहीं है इसलिए कुछ भी मुद्दे उठा रहे हैं। वहीं कांग्रेस के विधायक
आरोप लगा रहे थे कि, भाजपा के इशारे पर एसआईआर
कराया गया है। संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने कहा- जो विषय राज्य का नहीं है
उस पर सदन में चर्चा कैसे होगी। इसके बाद विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव आंसदी ने
अग्राह्य कर दिया। आसंदी के अग्राह्य करने के बाद विपक्ष के सदस्य बहिर्गमन कर गए।