रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को शून्यकाल के दौरान अफीम की खेती का मुद्दा गूंजा। दुर्ग जिले के समोदा गांव में विनायक ताम्रकार नामक भाजपा नेता के खेत में अफीम की खेती पकड़ी गई है। इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सदन में लाया स्थगन प्रस्ताव |
स्थगन प्रसताव पेश करते हुए चरणदास
महंत ने सरकार पर विनायक ताम्रकार को बचाने का आरोप लगाया। महंत ने कहा- सरकार धान
के बजाय अफीम की खेती कराना चाहती है। सरकार प्रदेश को धान के बजाय अफीम का कटोरा
बनाना चाहती है। महंत ने आरोप लगाया कि, सामूहिक
संरक्षण के माध्यम से अफीम की खेती कराई गई।सीबीआई या विधायकों की दल के माध्यम से
मामले की जांच की मांग उन्होंने रखी।
चंद्राकर कांग्रेस पर लगाया संरक्षण
का आरोप
इसके बाद भाजपा विधायक अजय चंद्राकर
ने कांग्रेस पर ही अफीम की खेती को संरक्षण देने का आरोप लगाया। तब दोनो पक्षों
में तीखी बहस होने लगी। अजय चंद्राकर के आरोप पर विपक्षी विधायक बिफर पड़े। सत्तापक्ष
और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने लगी। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा- विनायक
ताम्रकार के नौकर को मुख्य आरोपी बनाया गया है, जबकि
कलेक्टर ने कहा है कि, विनायक ताम्रकार मुख्य आरोपी है,
उसकी जमीन है। इससे पता चलता है कि, गृह विभाग
का पूरा संरक्षण आरोपी को मिल रहा है।
काम रोककर चर्चा की मांग
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा-
कांग्रेस सरकार के समय में अफीम की खेती शुरू हुई। इस पर भूपेश बघेल ने कहा एफआईआर
में लीपापोती करने की कोशिश की गई है, क्यों
बचा रहे हैं विनायक ताम्रकार को। विपक्ष के विधायकों ने सभी काम रोककर अफीम की
खेती पर चर्चा कराने की मांग की।