रायपुर : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के आतिथ्य में कल कोरबा नगर के राजीव गांधी ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय महतारी वंदन सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले की विभिन्न क्षेत्रो में उत्कृष्ट कार्य करने वालो महिलाओं को सम्मानित एवं बाल विवाह मुक्त पंचायतो को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, नगर निगम सभापती श्री नूतन सिंह ठाकुर, कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री तरुण कुमार किरण, सीईओ जिला पंचायत श्री दिनेश नाग, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री बसंत मिंज सहित अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।
जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित
करते हुए कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने सभी माताओं,
बहनों और बेटियों को महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य,
राजनीति, प्रशासन सहित हर क्षेत्र में अपनी
प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे रही हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल
नेतृत्व में देश में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण पहल की गई हैं,
जिससे महिलाओं को आगे बढ़ने के नए अवसर मिल रहे हैं। पंचायतों में 50
प्रतिशत आरक्षण से महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व दोनों मजबूत हुए
हैं। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित
भारत के संकल्प को साकार करने में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। प्रदेश में
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए
निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सशक्त महिलाएं ही मजबूत समाज
और विकसित राष्ट्र की आधारशिला हैं। महिलाएं आज पहले से अधिक सशक्त और मजबूत हुई
हैं तथा देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित कर रही हैं। समाज
में सकारात्मक बदलाव लाने में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मंत्री
श्री देवांगन ने कहा राज्य में सरकार गठन के साथ ही महतारी वंदन योजना के तहत लगभग
70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये
की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इससे महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है और वे
आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं।
उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों द्वारा
संचालित योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त किया जा
रहा है। लखपति दीदी योजना के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और आय के अवसर मिल
रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण जैसे कार्यों से भी ग्रामीण व वनांचल क्षेत्रों की
महिलाओं की आय बढ़ रही है।
कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने जिले
में बाल विवाह रोकथाम के लिए शासन और प्रशासन द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों की
भी सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज को जागरूक बनाकर ही इस कुप्रथा को पूरी तरह
समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने सभी से महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए
मिलकर कार्य करने का आग्रह किया।
महापौर श्रीमती राजपूत ने सभी
महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि
देश में महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के
नेतृत्व में महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए अनेक जनकल्याणकारी
योजनाएं संचालित की जा रही हैं। सरकार की विभिन्न योजनाएं महिलाओं को आगे बढ़ने और
आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्रदान कर रही हैं। लखपति दीदी योजना,
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना तथा महतारी सदन निर्माण जैसी
विभिन्न पहलों से महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और संस्थागत
रूप से सशक्त बनाने में मदद मिल रही है। जिससे आज महिलाएं हर क्षेत्र में ऊंचे
स्थान पर पहुँच रही है एवं देश के विकास में अपना पूर्ण योगदान दे रही है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए
सभापति श्री नूतन सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी का सम्मान सर्वोपरि
माना गया है। नारी को सदैव शक्ति, सृजन और
संस्कार का प्रतीक माना गया है, इसलिए महिलाओं का सम्मान
करना हमारी परंपरा और संस्कृति की पहचान है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त और
आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं,
जिनके माध्यम से उन्हें शिक्षा, रोजगार और
सामाजिक सुरक्षा के अवसर मिल रहे हैं।
नारी
सम्मान और सशक्तिकरण से समाज का समग्र विकास- कलेक्टर श्री दुदावत
कार्यक्रम में कलेक्टर श्री
दुदावत ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव उच्च स्थान दिया गया है।
समाज के उत्थान और विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।
उन्होंने बताया आज महिलाएं शिक्षा, प्रशासन,
राजनीति और अखिल भारतीय सेवाओं सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़कर सफलता
हासिल कर रही है और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। कलेक्टर ने
बताया कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा महतारी वंदन
योजना संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत पात्र
विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता
प्रदान की जा रही है।
योजना के तहत जिले के 2,93,859
पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की
राशि डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में प्रदान की जा रही है।
उन्होंने जिले में बाल विवाह रोकथाम के लिए चलाए जा रहे प्रयासों की जानकारी
देते हुए कहा कि बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत कोरबा जिले के 297
ग्राम पंचायतों एवं 03 नगरीय निकायों को बाल
विवाह मुक्त घोषित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान और
सशक्तिकरण ही समाज के समग्र विकास का आधार है और इसके लिए शासन-प्रशासन द्वारा
निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
जिले
को बाल विवाह मुक्त बनाने हेतु दिलाई गई शपथ
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री
लखन लाल देवांगन ने कोरबा को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के उद्देश्य से उपस्थित
सभी लोगों को शपथ दिलाई। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह की रोकथाम के
लिए व्यापक जनजागरूकता लाने तथा लोगों को इस कुप्रथा के विरुद्ध जागरूक करने के
लिए प्रेरित करने हेतु अपील की। इस दौरान महतारी वंदन योजना का लाभ लेकर
स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर हुई महिलाओं द्वारा अपना अनुभव साझा किया गया एवं
सभी को योजना का बेहतर लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया गया।
बाल
विवाह मुक्त नगरीय निकायों व पंचायतों का किया गया सम्मान
मुख्य अतिथि श्री लखन लाल देवांगन
द्वारा बाल विवाह की कुप्रथा से पूर्णतः मुक्त हो चुके नगर पालिका परिषद दीपका,
नगर पालिका परिषद कटघोरा एवं नगर पंचायत छुरीकला के मुख्य नगर पालिका
अधिकारियों (सीएमओ) को बाल विवाह मुक्त होने का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। साथ
ही जिले की बाल विवाह मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों को भी प्रमाण
पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
उत्कृष्ट
कार्य करने वाले महिलाओं को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास
विभाग द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभाग के पर्यवेक्षकों,
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का सम्मान किया गया। साथ ही
विभिन्न विभागों के उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को भी मुख्य अतिथि द्वारा
सम्मानित किया गया।
गौरतलब
है कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बस्तर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु
देव साय के मुख्य आतिथ्य में राज्य स्तरीय महिला दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया
। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण के माध्यम से मुख्यमंत्री द्वारा महिलाओं से किया गया
संवाद एवं उनका प्रेरणादायी अभिभाषण का जिला स्तरीय कार्यक्रम में उपस्थित सभी
महिलाओं ने उत्साहपूर्वक अवलोकन किया। इस दौरान महिलाओं ने शासन की विभिन्न
योजनाओं और महिला सशक्तिकरण से जुड़े विचारों से प्रेरणा प्राप्त की तथा कार्यक्रम
में अपनी सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की।”