अरुण शर्मा/संवाददाता
किरंदुल। किरंदुल के रिक्रिएशन क्लब में आयोजित किरंदुल डांस चैंपियनशिप अपने समापन के बाद विवादों में घिर गई है। प्रतियोगिता के निर्णायकों (जजों) पर पक्षपातपूर्ण निर्णय देने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे न केवल प्रतिभागियों बल्कि दर्शकों में भी भारी नाराजगी देखी गई।
प्रतियोगिता में कई प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, लेकिन परिणाम घोषित होते ही दर्शक दीर्घा में असंतोष का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों और प्रतियोगियों का आरोप है कि कुछ ग्रुप्स के प्रदर्शन को नजरअंदाज कर विशेष रूप से बचेली ग्रुप को अनुचित लाभ देते हुए दूसरा स्थान प्रदान किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंच पर दिखाए गए प्रदर्शन और दिए गए अंकों के बीच स्पष्ट अंतर नजर आया। कई प्रतिभागियों का कहना है कि तकनीक, तालमेल, भाव-भंगिमा और रचनात्मकता के आधार पर निर्णय नहीं लिया गया, बल्कि व्यक्तिगत पसंद और पूर्व निर्धारित सोच के आधार पर परिणाम घोषित किए गए।
विवाद इतना बढ़ा कि कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए अव्यवस्था की स्थिति बन गई। दर्शकों ने जजों के निर्णय पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और पारदर्शी जजिंग सिस्टम की मांग की।
प्रतिभागियों का कहना है कि इस तरह के पक्षपातपूर्ण फैसले युवाओं के उत्साह और मेहनत को तोड़ते हैं तथा भविष्य में ऐसे आयोजनों की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करते हैं।
हालांकि, आयोजक समिति की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों में अनुभवी, निष्पक्ष और पारदर्शी जजों की नियुक्ति की जाए, ताकि प्रतिभा का सही सम्मान हो सके।