January 17, 2026


1998–99 एल.वी. संवर्ग शिक्षकों की पुरानी पेंशन मांग पर मुख्यमंत्री गंभीर, केबिनेट में चर्चा का दिया आश्वासन

जगदलपुर। प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ छत्तीसगढ़ के एक प्रतिनिधि मंडल ने 1998–99 एल.वी. संवर्ग शिक्षकों की एकसूत्रीय मांग को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उनके गृह ग्राम बगिया में भेंट कर विस्तृत चर्चा की। यह प्रतिनिधि मंडल संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजकिशोर तिवारी के निर्देश एवं मार्गदर्शन में तथा संभागीय अध्यक्ष हजरत अली के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मिला। मुख्यमंत्री ने संगठन को लगभग 40 मिनट का समय देकर पूरी गंभीरता से संघ द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन और तथ्यों को सुना। चर्चा के दौरान संभागीय अध्यक्ष हजरत अली ने अवगत कराया कि 1998–99 में शिक्षकों की नियुक्ति मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग में नियमित पदों पर सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक एवं व्याख्याता के पदों पर निश्चित वेतनमान के साथ की गई थी, जिसमें वार्षिक वेतनवृद्धि भी दी जाती रही। वर्ष 2001 में नियमितीकरण तथा उसी वर्ष पंचायत स्कूलों का छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग में विलय होने के बावजूद 1998–99 एल.वी. संवर्ग शिक्षकों को विभाग में मर्ज नहीं किया गया, जो उनके साथ गंभीर अन्याय रहा।

संघ ने यह भी बताया कि लंबे संघर्ष के बाद 2018 में शिक्षकों का शासकीयकरण हुआ, जबकि भारत सरकार के सिविल सेवा पेंशन नियम 1972 एवं छत्तीसगढ़ सिविल सेवा पेंशन नियम 1976 के अनुसार जिन कर्मचारियों की नियुक्ति 2004 के पूर्व हुई है, उन्हें देय तिथि से सकल लाभ सहित पुरानी पेंशन का लाभ मिलना चाहिए। अन्य सभी संवर्गों—संविदा, दैनिक वेतनभोगी, अंशकालीन एवं अनियमित कर्मचारियों—को यह लाभ मिल चुका है, किंतु 1998–99 एल.वी. संवर्ग शिक्षक आज भी इससे वंचित हैं।

प्रतिनिधि मंडल ने यह भी बताया कि वर्तमान में सेवानिवृत्त हो रहे शिक्षकों को मात्र 1300–2300 रुपये पेंशन मिल रही है, जिससे उनका जीवन-यापन अत्यंत कठिन हो गया है। अब तक लगभग 1000–1500 शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं तथा वर्ष 2028 तक लगभग 75 प्रतिशत शिक्षक सेवानिवृत्त हो जाएंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संघ की सभी बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि 1998–99 एल.वी. संवर्ग शिक्षकों की मांगों को केबिनेट की बैठक में चर्चा हेतु रखा जाएगा तथा चर्चा के पश्चात महासम्मेलन का समय निर्धारित किया जाएगा। इस आश्वासन से वहां उपस्थित लगभग 150 शिक्षक अत्यंत उत्साहित हुए और गजमाला पहनाकर मुख्यमंत्री का हर्षोल्लास के साथ स्वागत एवं अभिनंदन किया।

वार्ता के दौरान प्रदेश संगठन सचिव विश्वनाथ प्रधान, संभागीय उपाध्यक्ष डेजमन रजवाड़े, अशोक कुमार दर्पण, अब्राहम खलको, अशोक साहू, गुलाब देवांगन, बोधन राजवाड़े, यशवंत प्रताप सिंह, सूरज सिंह, झामेश्वर राजवाड़े सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।


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