जगदलपुर। जिला बस्तर में दर्ज एक साइबर ठगी के प्रकरण की परतें खुलती चली गईं और जाँच की दिशा सीधे दिल्ली तक जा पहुँची।
मामले में बस्तर पुलिस की कार्रवाई में जनकपुरी क्षेत्र में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा हुआ, जहाँ से बीमा पॉलिसी के नाम पर देशभर के लोगों को निशाना बनाया जा रहा था। दो वर्षों से “श्री गणेश सॉल्यूशन” के नाम से चल रहे इस कॉल सेंटर के जरिए लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिए जाने के तथ्य सामने आए हैं।
जाँच के अनुसार नगरनार थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति से बीमा में लाभ दिलाने का झांसा देकर करीब 20 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई थी।
इस प्रकरण में तकनीकी विश्लेषण, बैंक खातों की पड़ताल और संदिग्ध ट्रांजेक्शनों की कड़ियाँ जोड़ते हुए पुलिस दिल्ली पहुँची। वहाँ की गई रेकी के बाद कॉल सेंटर पर दबिश देकर मास्टरमाइंड ओमप्रकाश गुप्ता सहित पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिन्हें विधिवत जिला बस्तर लाकर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।
कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, फर्जी सिम, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन, लैपटॉप, रजिस्टर और वाहन बरामद हुए हैं।
रजिस्टरों में विभिन्न राज्यों के लाखों बीमा पॉलिसी धारकों का डेटा दर्ज पाया गया। जाँच में यह भी सामने आया कि बीमा कंपनियों से जुड़े डेटा को बेहद कम कीमत में खरीदकर उसी आधार पर लोगों को कॉल कर ठगी की जाती थी। अन्य राज्यों से जुड़े मामलों की जानकारी भी जुटाई जा रही है, जिससे ठगी के दायरे के और बढ़ने की आशंका है।
पूरे प्रकरण में थाना नगरनार और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने समन्वित तरीके से कार्रवाई की। बस्तर पुलिस ने आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि बीमा से संबंधित किसी भी अनजान कॉल या संदेश पर भरोसा न करें, भुगतान केवल कंपनी के अधिकृत खातों में ही करें और अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
सोशल मीडिया खातों की सुरक्षा के लिए टू-स्टेप वेरिफिकेशन और प्रोफाइल लॉक जैसी व्यवस्थाओं को अनिवार्य रूप से सक्रिय रखने की भी सलाह दी गई है।