December 28, 2025


जनसुनवाई -आर्सेलर मित्तल की स्लरी पाइप लाइन में बह कर आंध्रा जाएगा बस्तर के युवाओं का भविष्य

30 दिसम्बर को होगी आर्सेलर मित्तल के बेनेफिसियेशन प्लांट क्षमता विस्तारीकरण की जनसुनवाई

किरंदुल। लौह नगरी किरंदुल में  आर्सेलर मित्तल निप्पोन स्टील इंडिया  प्राइवेट लिमिटेड की एशिया की सबसे बड़ी स्लरी पाइपलाइन का लौह चूर्ण पाइप लाइन से परिवहन का बेनिफिसियेशन प्लांट स्थापित है जिसमें रोजाना लाखों टर्न लौह चूर्ण का परिवहन किरंदुल से विशाखापत्तनम किया जाता है 

मेसर्स आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया प्राईवेट लिमिटेड ग्राम-किरंदुल,में स्थित बेनिफिसियेशन प्लांट ,क्षमता विस्तार के तहत् प्रस्तावित आयरन ओर बेनिफिसियेशन प्लांट क्षमता 8.0 मिलियन टन/वर्ष से 120 मिलियन टन / वर्ष, क्षेत्र -3 83 हेक्टेयर (98.43 एकड़) के पर्यावरणीय स्वीकृति के लिये छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल में लोक सुनवाई हेतु आवेदन किया गया हैं । उपरोक्त परियोजना की छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल में लोक सुनवाई लोक सुनवाई  30 दिसंबर को किरंदुल बस स्टैण्ड के पास स्थित एक स्कूल में रखी गई है ।

यहां सवाल यह उठता है कि जनसुनवाई के बाद जब किरंदुल के समीप स्थित आर्सेलर मित्तल निप्पन कंपनी का उत्पादन 08 से बढ़कर 12 एमटीपीए होगा तो क्या ऊर्जा, खनिज की मांग के साथ साथ स्लरी पाइप से लोह चूर्ण को पानी के जरिए विशाखपट्नम भेजने के लिए शबरी नदी के पानी की मांग बढ़ेगी या नहीं ।यहाँ पर सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि क्या खनिज संसाधनों से भरपूर बस्तर क्या सिर्फ निजी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के द्वारा खनिजों के उपार्जन का केंद्र बनेगा या बस्तर वासियों के भविष्य का केंद्र भी कभी बनेगा।


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