जगदलपुर। सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर—जिला अधिवक्ता संघ के आगामी चुनाव से पहले एक अहम विवाद उभरकर सामने आया है। चर्चा है कि मतदाता सूची से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, विधायक व वरिष्ठ अधिवक्ता किरण देव का नाम भी हटाया जा सकता है।
जानकारी के अनुसार, संघ की सामान्य सभा में एक प्रस्ताव पारित होने की बात सामने आई है, जिसके तहत जो अधिवक्ता लंबे समय से नॉन-प्रैक्टिस में हैं, उनके नाम मतदाता सूची से बाहर करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसी चर्चा के दौरान पूर्व उपाध्यक्ष संतोष जैन ने चुनाव अधिकारी से सवाल किया कि—
“क्या इस नियम के अनुसार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, विधायक व अधिवक्ता किरण देव का नाम भी कटेगा?”
सूत्र बताते हैं कि चुनाव अधिकारी ने जवाब में कहा—
“किरण देव अब विधायक हैं, उनकी आजीविका का माध्यम बदल चुका है, इसलिए नियमों के अनुसार उनका नाम हटाया जाएगा।”
इस कथन ने अधिवक्ता समुदाय में हलचल ला दी है, क्योंकि किरण देव पिछले 35–40 वर्षों से अधिवक्ता संघ के सक्रिय सदस्य रहे हैं और हर चुनाव में मतदान करते आए हैं। उनका पारंपरिक कानूनी अनुभव और लंबे समय तक प्रैक्टिस का इतिहास भी सभी अधिवक्ताओं के बीच जाना-पहचाना है।
यदि उनका नाम मतदाता सूची से हटाने की कार्यवाही होती है, तो यह संघ के इतिहास में दुर्लभ और अभूतपूर्व फैसला माना जाएगा—जहाँ एक वरिष्ठ अधिवक्ता, साथ ही मौजूदा विधायक और प्रदेश अध्यक्ष, को नॉन-प्रैक्टिस की श्रेणी में रखकर मतदान से दूर किया जा सकता है।
इस मुद्दे पर अधिवक्ता जगत में गंभीर चर्चा शुरू हो गई है। कुछ इसे नियमों की कठोर व्याख्या बताते हैं, तो कुछ इसे अनावश्यक विवाद करार दे रहे हैं।
अब सभी की नज़रें चुनाव अधिकारी द्वारा जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची पर टिकी हैं—क्योंकि वही तय करेगी कि यह बड़ा नाम वास्तव में सूची में रहेगा या नहीं।