इंदौर : महेश्वर
के किले से नर्मदा नदी के विराट रूप का आनंद तो इंदौर के सैलानियों ने कई बार लिया
पर इस आनंद में थोड़ा और भी इजाफा करने की ख्वाहिश है, नजारों को देखने के लिए नजरिया बदलने की जरूरत है।
सुकून भरे पलों की स्मृतियों को और भी सहेजने के लिए
स्थान बदलने की जरूरत है तो आपको एक ऐसे स्थान का पता बताते हैं जिसे देखकर भी आप
अनदेखा कर देते हैं। जिसके बारे में जानने की इच्छा ही नहीं रखते। यह स्थान है
नर्मदा नदी के किनारे बना नवड़ा तावड़ी घाट।
हर बार सैर-सपाटे
के शौकीन इसी जुगत में रहते हैं कि कौन से नए स्थान की सैर की जाए। अपनों के साथ
सुकून भरे पल बिताने की ख्वाहिश रखने वाले भी ऐसे ही स्थान की तलाश में रहते हैं
जो भीड़ से दूर हो।
मन ताजगी से भर जाए
रील बनाने और फोटग्राफी करने के
शौकीन भी ऐसा स्थान तलाशते हैं जहां से कैमरे की नजर से कैद किए गए दृश्य को देख
दर्शक ‘वाओ’ कह उठें। यही नहीं रोमांच का आनंद लेने वाले भी ऐसे नए-नए स्थानों की तलाश
में लगे ही रहते हैं, जहां रोम-रोम पुलकित और मन ताजगी से भर
जाए।
एक दिन में ही लौट सकते हैं
इंदौर से यह स्थान इतनी ही दूर है
जहां से एक दिन में ही आप लौट भी सकते हैं। इस तरह पहुंच सकते हैं यहां चलिए इस
सप्ताह आपको एक ऐसे स्थान की सैर कराते हैं जहां अध्यात्म,
इतिहास, रोमांच, शांति
और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया जा सके।
इस स्थान का नाम है नवड़ा तावड़ी घाट
जो कि नर्मदा नदी के किनारे पर बना है। आसान शब्दों में कहा जाए तो महेश्वर के
किले को छूकर बहती नर्मदा नदी के दूसरे छोर पर जो घाट नजर आता है वह यही है।
इंदौर से 100
किमी दूर
यहां तक पहुंचने के
मार्ग के बारे में महू राइडर्स क्लब के प्रमुख डॉ. सौरभ मोहंती बताते हैं कि इंदौर
से इस स्थान की दूरी करीब 100 किमी है। यहां जाने के लिए जामगेट से मंडलेश्वर जाने पर पुल आता है। पुल
पार कर खरगोन-इंदौर हाई-वे पर जाएं। कसरावद होते हुए मुबारकबाद जाएं। मुबारकबाद से
200 मीटर दूरी यह घाट है।