भोपाल : आज
अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस मनाया जा रहा है. मध्य प्रदेश में चीता दिवस मनाया जा
रहा है. मध्य प्रदेश देश का एकमात्र राज्य है जहां चीता हैं. सीएम डॉ. मोहन यादव
ने अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस के मौके पर बधाई दी है.
चीतों के परिवार बढ़ने
का सिलसिला जारी- सीएम
सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया
साइट एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा
कि ‘चीता स्टेट’ मध्य प्रदेश के
नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं. कभी भारत से
विलुप्त हो चुकी चीतों की प्रजाति को आज मध्य प्रदेश में देखना अत्यंत सुखद है.
प्रदेश की भूमि पर दौड़ते चीते आज राज्य के पर्यटन को नई गति प्रदान कर रहे हैं.
देश के हृदय प्रदेश में चीतों के
परिवार के बढ़ने का सिलसिला जारी है. हमारी सरकार पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण
हेतु चीतों के संवर्धन के लिए निरंतर कार्यरत है.
25 चीतों के साथ मध्य
प्रदेश बना चीता स्टेट
मध्य प्रदेश भारत का एकमात्र राज्य
है जहां चीता रहते हैं. प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीतों को रखा गया है.
नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से चीते लाकर यहां बसाए गए हैं. इसी साल सितंबर में
कूनो नेशनल पार्क में प्रोजेक्ट चीता को दो साल पूरे हुए हैं. कूनो नेशनल पार्क
में चीतों की संख्या 25 है. इनमें 12
वयस्क और 13 शावक चीता शामिल हैं.
प्रोजेक्ट चीता के लिए
कूनो को चुना गया
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में
कूनो नेशनल पार्क स्थित है. इस पार्क में अफ्रीका से चीता लाकर बसाने की योजना
बनाई गई. पहले तो कूनो एक अभ्यारण्य था. केंद्र की एक नोटिफिकेशन के बाद इसे नेशनल
पार्क में बदला गया. दो साल पहले 17 सितंबर
2022 को पीएम नरेंद्र मोदी ने नामीबिया से लाए गए 8 चीतों को पार्क में छोड़ा गया. इसके बाद 18 सिंतबर 2023
को दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 12 चीतों को
नेशनल पार्क में छोड़ा गया. अब तक 10 चीतों की मौत हो चुकी
है. अभी तक 4 बार अलग-अलग मादा चीता ने 17 शावकों जन्म दिया.