रायपुर. हीरापुर स्थित अमरनाथ इस्पात की बंद फैक्ट्री में चौकीदार को रस्सी से बांधकर डकैती करने के मामले में रायपुर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले करीब एक सप्ताह तक फैक्ट्री की रेकी की थी. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से डकैती का सामान और वारदात में इस्तेमाल चारपहिया व दोपहिया वाहन सहित करीब 17 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है. मामले में शामिल अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है.
पुलिस के अनुसार, घटना 22 अक्टूबर 2026 की रात करीब 1:30 बजे की है. अमरनाथ इस्पात की फैक्ट्री वर्ष 2020 से
बंद है. यहां दिलीप कुमार वर्मा चौकीदारी करते हैं. घटना की रात वे फैक्ट्री के
कार्यालय के पोर्च में बैठे थे, तभी बाउंड्रीवाल के अंधेरे
हिस्से से एक व्यक्ति अंदर आता दिखाई दिया. चौकीदार ने उसे आवाज देकर रोकने का
प्रयास किया तो वह पत्थर मारने लगा. इसी दौरान मुंह पर कपड़ा बांधे सात से आठ अन्य
लोग वहां पहुंच गए. आरोपियों ने चौकीदार को पकड़कर विरोध करने पर उसके दोनों हाथ
पीछे की ओर रस्सी से बांध दिए.
इसके बाद आरोपी कार्यालय में घुस गए
और वहां रखे एल्युमिनियम वायर के बंडल, एल्युमिनियम
व कॉपर के सामान, प्लेट, हैलोजन लाइट,
नकदी, पैनल कार्ड और कॉपर क्वाइल समेत अन्य
कीमती सामान लूट लिया. आरोपी सामान को टाटा एस वाहन में रखकर फैक्ट्री की साइड की
दीवार तोड़ते हुए खेत के रास्ते रिंग रोड की ओर फरार हो गए. चौकीदार की रिपोर्ट पर
कबीर नगर थाना Police ने अपराध क्रमांक 217/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 127(2) और 310(2)
में मामला दर्ज कर जांच शुरू की.
हजारों सीसीटीवी फुटेज
खंगालकर आरोपियों तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस
उपायुक्त अपराध एवं साइबर स्मृतिक राजनाला और पुलिस
उपायुक्त पश्चिम क्षेत्र रॉबिन्सन गुरिया की निगरानी में एंटी क्राइम एंड साइबर
यूनिट तथा कबीर नगर थाना पुलिस
की संयुक्त टीम गठित की गई. पुलिस
ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले. आरोपियों के आने-जाने
के संभावित रास्तों पर लगे हजारों कैमरों के फुटेज की जांच की गई. इसके साथ ही
मुखबिरों और तकनीकी विश्लेषण की मदद से संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया
गया.
जांच के दौरान पुलिस
को सरोना निवासी संदीप नेताम के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली. उसे हिरासत
में लेकर पूछताछ की गई तो उसने अपने साथियों के साथ वारदात को अंजाम देना स्वीकार
किया. इसके बाद पुलिस
ने अजीत भारती और उमेंद्र ठाकुर उर्फ उमेन को भी गिरफ्तार कर लिया.
TATA एस और स्कूटी से
पहुंचे थे आरोपी
पुलिस के मुताबिक,
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने बंद फैक्ट्री में डकैती
की योजना बनाई थी. इसके लिए करीब एक सप्ताह तक फैक्ट्री की गतिविधियों और सुरक्षा
व्यवस्था पर नजर रखी. वारदात वाली रात आरोपी टाटा एस वाहन और स्कूटी से पहुंचे थे.
चौकीदार को बंधक बनाने के बाद फैक्ट्री से कीमती सामान निकालकर वाहन में लादा और
फरार हो गए.
पुलिस ने आरोपियों के
कब्जे से एल्युमिनियम वायर, एल्युमिनियम
व कॉपर के सामान, एल्युमिनियम प्लेट, हैलोजन
लाइट, पैनल कार्ड और कॉपर क्वाइल बरामद की है. इसके अलावा
वारदात में इस्तेमाल कटर मशीन, ड्रिल मशीन, टाटा एस वाहन और स्कूटी भी जब्त की गई है. जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 17
लाख रुपए बताई गई है.
पहले भी आपराधिक मामलों
में जा चुके हैं जेल
अरेस्ट आरोपियों में संदीप नेताम (35),
निवासी बीएसयूपी कॉलोनी सरोना, अजीत भारती (30),
निवासी बीएसयूपी कॉलोनी सरोना और उमेंद्र ठाकुर उर्फ उमेन (27),
निवासी देवारपारा सुभाषनगर शामिल हैं. Police के
अनुसार, संदीप नेताम पूर्व में गुढ़ियारी थाना क्षेत्र के
चोरी और मारपीट के मामले में, उमेंद्र ठाकुर टिकरापारा थाना
क्षेत्र के नकबजनी के मामले में और अजीत भारती डीडी नगर थाना क्षेत्र में
प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत जेल जा चुका है.
पुलिस फरार आरोपियों
की तलाश में जुटी है. पुलिस
के मुताबिक, रायपुर कमिश्नरेट की एंटी
क्राइम एंड साइबर यूनिट अब तक चोरी, नकबजनी, छीनाझपटी, लूट और डकैती के 150 मामलों में 237 आरोपियों को गिरफ्तार कर कुल 4
करोड़ 66 लाख 25 हजार 100
रुपए की संपत्ति जब्त कर चुकी है.