रायपुर : छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला संचालित की जा रही है। इसी कड़ी में सूरजपुर जिला कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करसी में छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण
अधिकारी श्री मनोज जायसवाल ने बाल विवाह की रोकथाम, बाल
अधिकार, शिक्षा और बालिकाओं की सुरक्षा के संबंध में जानकारी
दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा बालिकाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षित भविष्य की सबसे
मजबूत आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर पढ़ाई कर अपने लक्ष्य हासिल
करने तथा क्षेत्र में किसी भी बाल विवाह को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाने का
आह्वान किया।
उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098,
महिला हेल्पलाइन 181 और आपातकालीन सेवा 112
की जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में इन सेवाओं
का उपयोग किया जा सकता है। छात्राओं को सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श के प्रति
जागरूक करते हुए बचाव के चार सूत्र ‘नो, गो, टेल एवं एफआईआर’ बताए गए।
साथ ही पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के संबंध में भी
जानकारी दी गई।
मिशन शक्ति की श्रीमती फरजाना अंसारी
ने बालिकाओं को शिक्षित होकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बेटी
बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए भ्रूण हत्या की रोकथाम
और घरेलू हिंसा की स्थिति में हेल्पलाइन 181 का उपयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान पोस्टर,
राखी एवं रंगोली निर्माण प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिताओं में प्रथम,
द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया
तथा अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम के समापन पर
सभी उपस्थितजनों को बाल विवाह मुक्त सूरजपुर बनाने की शपथ दिलाई गई।