बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक छात्रा से 14.50 लाख रुपये कैश और सोने के जेवर ठगने का मामला सामने आया है. आरोपियों ने स्टूडेंट्स से पहले दोस्ती की, इसके बाद उसके साथ ठगी को अंजाम दिया. पुलिस ने मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. फरार आरोपी की तलाश जारी है.
पुलिसवाले
का बेटा निकला ठग
दरअसल, पीड़ित
छात्रा के दादा एसईसीएल से रिटायर्ड अफसर हैं. बीमारी के कारण उन्होंने अपना बैंक
खाता, एटीएम कार्ड और लॉकर की जिम्मेदारी पोती को दी थी. इसी
बैंक खाते और लॉकर से लड़की पैसे और गहने आरोपियों को देती थी. पुलिस ने जिन चार
आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें एएसआई का बेटा भी शामिल
है. उसने अपने 4 दोस्तों के साथ मिलकर इस ठगी को अंजाम दिया.
नेपाल
में पैसे उड़ाए, हर रोज करते थे पार्टी
पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी
आदर्श यादव और एक अन्य नाबालिग लगातार पार्टी कर रहे हैं. बड़े-बड़े और महंगे
होटलों में फिजूलखर्ची कर रहे हैं. इसके साथ ही उनके पास सोने के जेवर भी हैं.
पुलिस ने इन्हें पकड़कर सख्ती के साथ पूछताछ की तो सारा मामला सामने आ गया. पता
चला कि छात्रा से ऐंठे गए पैसों से आरोपी नेपाल घूमने गए थे. ऐशो-आराम और महंगी
पार्टियों में पैसे खर्च करते थे. ये भी खुलासा हुआ कि 6
से 10 हजार रुपये खर्च किए जाते थे.
आरोपी
को घर से निकाला
आरोपी आदर्श यादव के पिता धर्मेंद्र
यादव पुलिस विभाग में असिस्टेंट सब इन्स्पेक्टर के पद पर तैनात हैं. गलत हरकतों के
वजह से उसे घर से निकाल दिया था. बताया जा रहा है कि छात्रा को शेयर मार्केट में
निवेश की रूचि थी. इसी बहाने से आरोपियों ने पैसे ऐंठे. पुलिस इस पहलू की भी जांच
कर रही है.
जान
से मारने की धमकी
छात्रा ने पुलिस को बताया कि
आरोपियों से पहले दोस्ती हुई. इसके बाद नजदीकियां बढ़ीं. दोस्ती के कारण छात्रा ने
उनकी आर्थिक मदद की. लड़की ने खातों से एटीएम और फोनपे के जरिए अलग-अलग किस्तों
में करीब 14.50 लाख रुपये आरोपियों
को दिए. एक रिसॉर्ट के पास बुलाकर आरोपियों को लॉकर में रखे 450 ग्राम सोने के जेवर भी दे दिए.