रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए संचालित सेवा सेतु केंद्र प्रदेश के लाखों नागरिकों के लिए त्वरित और भरोसेमंद सेवाओं का माध्यम बनकर उभरा है। इस व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों को जाति, आय, निवास, जन्म सहित विभिन्न आवश्यक प्रमाणपत्र एवं अन्य राजस्व सेवाएं समयबद्ध, सरल और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर कम हुए हैं और लोगों को निर्धारित समय में सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में सेवा
सेतु केंद्रों के प्रभावी संचालन से आम नागरिकों को त्वरित राहत मिल रही है। इसका
एक प्रेरक उदाहरण सूरजपुर जिले से सामने आया है, जहां
भटगांव तहसील के ग्राम किशोरनगर निवासी श्री राकेश कुमार लंबे समय से निवास
प्रमाणपत्र नहीं बनने के कारण परेशान थे। प्रमाणपत्र के अभाव में उनकी शैक्षणिक
एवं अन्य आवश्यक गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं।
सेवा सेतु केंद्र की जानकारी मिलने
पर उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत तहसील कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया।
आवेदन प्राप्त होने के बाद राजस्व विभाग ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए कुछ
ही घंटों के भीतर उनका निवास प्रमाणपत्र जारी कर दिया।
राकेश कुमार ने बताया कि पहले निवास
प्रमाणपत्र बनवाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था,
लेकिन सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से उनकी समस्या का त्वरित समाधान
हुआ। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह व्यवस्था
नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी है और इससे सरकारी सेवाएं पहले की तुलना में अधिक सरल,
सुलभ और पारदर्शी हुई हैं।
सेवा सेतु केंद्रों के माध्यम से
राज्य सरकार नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है।
यह पहल न केवल समयबद्ध सेवाओं की गारंटी दे रही है, बल्कि
शासन और आमजन के बीच विश्वास को भी मजबूत कर रही है। प्रदेशभर
में सेवा सेतु केंद्र सुशासन की अवधारणा को व्यवहारिक रूप देते हुए नागरिकों को
सहज, पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासन का अनुभव करा रहे हैं।