कबीरधाम : जिले के बम्हनी धान खरीदी केंद्र में लगभग 77 लाख रुपये के कथित धान घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है. मामले में केंद्र प्रभारी सहित तीन लोगों के खिलाफ रेंगाखार थाना में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. प्रशासनिक जांच में सामने आया है कि कागजों में राइस मिलों के लिए लगातार डीओ यानी डिलीवरी ऑर्डर जारी किए जाते रहे, जबकि वास्तविक स्थिति संदिग्ध पाई गई. आरोप है कि करीब चार माह तक ऑनलाइन सिस्टम को गुमराह कर धान का निर्गमन दर्शाया जाता रहा.
77 लाख का धान घोटाला, ऐसे हुआ घोटाला
संयुक्त जांच दल ने 12
जून, 2026 को ऑनलाइन मॉड्यूल रिपोर्ट के आधार
पर साइट पर फिजिकल वेरिफिकेशन किया, तो कुल 2,386.52 क्विंटल धान की कमी पाई गई. गायब स्टॉक में ज्यादातर हिस्सा (2,205.62
क्विंटल) मोटे धान का था, जबकि बारीक धान की
कमी सिर्फ 180 क्विंटल थी. मोटे धान को आसानी से रीसायकल
(खुले बाजार या सोसायटियों में वापस भेजना) किया जा सकता है. शक है कि यह धान कभी
खरीद केंद्र तक पहुंचा ही नहीं या मिलर्स की मिलीभगत से इसे पहले ही ठिकाने लगा
दिया गया. शक है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी. मामला सामने आने के बाद अब सख्त कदम
उठाए गए हैं.
केंद्र
प्रभारी समेत 3 पर FIR
शिकायत और जांच रिपोर्ट के आधार पर
रेंगाखार थाना पुलिस ने केंद्र प्रभारी सहित तीन आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध
कर लिया है. अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घोटाले में अन्य लोगों की
भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है.
इस मामले के सामने आने के बाद धान
खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता, निगरानी
तंत्र और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. प्रशासन का कहना है कि जांच में
जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई
की जाएगी.