रायपुर : छत्तीसगढ़ में टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अत्याधुनिक हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीनों के माध्यम से संभावित टीबी मरीजों की पहचान का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंचकर स्वास्थ्य टीमें उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की जांच कर रही हैं, जिससे समय रहते रोग की पहचान और उपचार सुनिश्चित हो सके।
भारत सरकार के टीबी मुक्त भारत 100
दिवसीय विशेष अभियान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में विशेष
स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के तहत संभावित मरीजों की
स्क्रीनिंग, डिजिटल एक्स-रे जांच तथा आवश्यकतानुसार ट्रू-नॉट
तकनीक से पुष्टि की जा रही है। इससे टीबी रोगियों की शीघ्र पहचान कर उपचार प्रारंभ
करने में मदद मिल रही है।
बलरामपुर जिले में संचालित विशेष
अभियान के दौरान अब तक 90 स्वास्थ्य शिविरों
का आयोजन किया गया है। इन शिविरों में 7,679 उच्च जोखिम वाले
व्यक्तियों की जांच की गई। स्क्रीनिंग के दौरान 2,442 व्यक्तियों
के एक्स-रे में असामान्यताएं पाई गईं, जिनके स्यूटम नमूनों
की ट्रू-नॉट मशीन के माध्यम से जांच की जा रही है। जांच में टीबी की पुष्टि होने
पर मरीजों को तत्काल उपचार से जोड़ा जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार टीबी
मुक्त ग्राम पंचायतों के निर्माण के लक्ष्य के साथ गांव-गांव में स्वास्थ्य शिविर
लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में लोगों को टीबी के लक्षण,
बचाव और उपचार के संबंध में भी जागरूक किया जा रहा है। विभाग का
मानना है कि आधुनिक तकनीक और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से टीबी उन्मूलन के
लक्ष्य को तेजी से हासिल किया जा सकता है।
लक्षण दिखने पर तुरंत कराएं जांच
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील
की है कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी,
बलगम या खून के साथ खांसी, सीने में दर्द,
सांस लेने में परेशानी, वजन में कमी, भूख न लगना, रात में बुखार या लगातार कमजोरी जैसे
लक्षण दिखाई दें तो निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जाकर तुरंत जांच कराएं। समय पर
पहचान और नियमित उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है तथा इसके संक्रमण को फैलने
से रोका जा सकता है।
राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि
टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग का नहीं बल्कि जनभागीदारी का अभियान है।
नागरिकों की जागरूकता, समय पर जांच और
उपचार के प्रति प्रतिबद्धता से ही टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार किया
जा सकेगा।