एक ही छत के नीचे जुटे
सभी विभाग, दर्जनों
प्रमाण पत्र जारी, सैकड़ों ग्रामीणों का हुआ निःशुल्क
स्वास्थ्य परीक्षण
रायपुर
: सबसे दूर सबसे पहलेष् एक प्रमुख
प्रशासनिक और सामाजिक अभियान है, जिसका मुख्य उद्देश्य सबसे दुर्गम, सुदूर और पिछड़े
क्षेत्रों (विशेष रूप से जनजातीय और आदिवासी बहुल गांवों) तक सरकारी सुविधाओं और
विकास योजनाओं को सबसे पहले पहुँचाना है। दूरस्थ जनजातीय अंचलों तक शासन की
जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बलरामपुर-रामानुजगंज
जिले में जन भागीदारी सबसे दूर सबसे पहले अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के
अंतर्गत आयोजित जनजातीय गरिमा उत्सव शिविरों के माध्यम से जनजातीय समुदायों को
स्वास्थ्य, सामाजिक
सुरक्षा, राजस्व और किसान हितैषी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान
पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड राजपुर के ग्राम पतरापारा और
विकासखंड रामचंद्रपुर के ग्राम बराहनगर में विशेष शिविरों का सफल आयोजन किया गया,
जहां अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं के
त्वरित निराकरण की पहल की।
पतरापारा शिविर-विशेष
पिछड़ी जनजातियों को चौपाल पर राहत
जनपद पंचायत सीईओ श्री संजय दुबे के
नेतृत्व में ग्राम पंचायत पतरापारा में आयोजित शिविर में पतरापारा सहित डिगनगर,
अमदरी, चंद्रगढ़ एवं करजी से बड़ी संख्या में
विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवार पहुंचे। शिविर की मुख्य उपलब्धियां रहीं
स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम द्वारा 71 ग्रामीणों का
निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां दी गईं। गंभीर बीमारियों के निःशुल्क इलाज
के लिए मौके पर ही 21 पात्र नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाए
गए। कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में 11 स्थानीय
किसानों का एग्री स्टैक पोर्टल पर डिजिटल पंजीयन किया गया।
बराहनगर शिविर- राजस्व
और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से सीधा लाभ
रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम
बराहनगर में जनपद सीईओ श्री रणवीर साय के नेतृत्व में आयोजित शिविर में ग्रामीणों
को विभिन्न विभागीय सेवाओं से सीधा लाभान्वित किया गया। राजस्व एवं नागरिक सेवाएं
के तहत राजस्व विभाग द्वारा मौके पर ही 6 जाति,
6 आय और 6 निवास प्रमाण पत्रों सहित कुल 27
जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए। खाद्य एवं श्रम विभाग के
द्वारा खाद्य विभाग द्वारा 37 पात्र परिवारों को नए राशन
कार्ड वितरित किए गए तथा श्रम विभाग के अंतर्गत 10 श्रमिकों
के श्रम कार्ड बनाए गए।
पशुधन एवं कृषि कल्याण विभाग द्वारा
पशुधन विकास विभाग द्वारा 68 पशुपालकों
को निःशुल्क पशु दवाओं का वितरण किया गया। कृषि विभाग ने पीएम किसान सम्मान निधि
के 6 लंबित प्रकरणों का सुधार किया, 2 किसानों
का एग्री स्टैक पंजीयन किया तथा 1 मृदा परीक्षण सैंपल लिया।
शिविर में 157 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण
कर 2 नए आयुष्मान कार्ड जारी किए गए। साथ ही सामाजिक सुरक्षा
के तहत 2 हितग्राहियों को पेंशन तथा 1 हितग्राही
को परिवार सहायता योजना की राशि स्वीकृत की गई।
दूरस्थ क्षेत्रों तक
शासन की पहुंच सुनिश्चित- जिला प्रशासन
गौरतलब है कि भारत सरकार के जनजातीय
कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार, कलेक्टर
श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ के नेतृत्व में इन
शिविरों का संपादन किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य फोकस पहाड़ी कोरवा जैसे
विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों को मुख्यधारा से जोड़ना है। जिला प्रशासन की इस
संवेदनशील पहल से जिले के अत्यंत दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक सुशासन की पहुंच
सुनिश्चित हो सकी है।