February 26, 2026


विधानसभा : जेलों मे मौतों को लेकर सदन मे जमकर हंगामा, काँग्रेस नेता जीवन ठाकुर की मौत की जांकव्ह की मांग, विपक्ष ने किया वाकआउट

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को जेलों में मौत का मामला गूंजा। प्रश्नकाल में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उठाया जेल में मौतों का मुद्दा । भूपेश बघेल ने पूछा जेलों में कितनी मौतें हुईं। जेलों में क्षमता से 150% अधिक कैदियों पर भी पूछा सवाल। हत्या, लूट, फिरौती में वृद्धि पर भी उठाए सवाल।

भूपेश बघेल के सवालों का जवाब देते हुए गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि, जनवरी 2025 से जनवरी 2026 तक 66 बंदियों की मौतें हुईं। 18 प्रकरणों में मजिस्ट्रेट जांच की कार्रवाई पूर्ण हो चुकी है। 48 प्रकरणों में मजिस्ट्रेट जांच की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।

जीवन ठाकुर को फर्जी केस में फंसाया गया : भूपेश

इसके बाद भूपेश बघेल ने पंकज साहू और जीवन ठाकुर की मौत को लेकर सवाल उठाए। विजय शर्मा ने जवाब में कहा- सवाल की अवधि से बाद का मामला है, जीवन ठाकुर की मौत का मामला सूची में शामिल है। इस पर भूपेश बघेल ने कहा- जीवन ठाकुर को फर्जी केस में फंसाया गया, जीवन ठाकुर के साथ उनके लड़के को भी जेल में डाल दिया गया। उन्हें अपने परिजनों से मिलने नहीं दिया गया। इलाज नहीं कराने दिया गया, डॉक्टर के कहने के बाद भी अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया। भूपेश बघेल ने पूछा कि, क्यों उपचार नहीं कराया गया।

परहेज नहीं रखते थे जीवन ठाकुर शर्मा

इस पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा- जीवन ठाकुर जेल में परहेज नहीं करते थे। वह ऐसा कार्य करते थे जिससे उनका शुगर बढ़ जाए। यह बात जेल अधीक्षक ने कोर्ट में कही है। उन्होंने कहा कि, जेल के भीतर जीवन ठाकुर ने सहयोग नहीं किया, वे किसी भी कीमत पर अस्पताल जाना चाहते थे। ऐसी परिस्थितियों के बाद उन्हें रायपुर लाया गया। किसी से मिलने से नहीं रोका गया, उपचार में लापरवाही नहीं की गई। श्री शर्मा ने बताया कि, समय-समय पर डॉक्टर ने परीक्षण किया, उचित दवाइयां दी गईं। जेल अधीक्षक ने तमाम तथ्य कोर्ट के सामने रखे हैं।

सदन की समिति से जोच की मांग पर हंगामा, बर्हिगमन

तब भूपेश बघेल ने कहा- विधायकों को भी जीवन ठाकुर से मिलने नहीं दिया। जीवन ठाकुर के बेटे को उससे अलग रखा गया। बाप बेटा दोनों एक ही बैठक में थे, उसे अलग कर दिया गया। उपचार की क्या व्यवस्था की गई, इसकी जानकारी दी जाए। इसके बाद जीवन ठाकुर की मौत की सदन की समिति से जांच की मांग को लेकर विपक्ष के विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। सदन की समिति से जांच की मांग को लेकर सदन में हंगामा मचाया गया। विपक्ष के विधायकों ने जीवन ठाकुर की मौत को बताया सरकारी हत्या, विपक्षी सदस्यों ने जवाब से असंतुष्ट होकर किया बहिर्गमन ।


Related Post

Archives

Advertisement

Trending News

Archives