महेश गोयन/रायपुर
एमसीबी। चिरमिरी काले सोने की खान और छोटा हिल स्टेशन के नाम से भी जाना जाता है प्रकृति की गोद मे बसा चिरमिरी जन्नत से कम नही यहां हर तरफ पहाड़ और जंगलों के बीच चिरमिरी शहर देखते ही बनता है वैसे तो कई खासियत है चिरमिरी कि साथ ही कई समयस्याएं भी है लेकिन इन दिनों चिरमिरी वासी एक अलग ही समस्या से झुझ रहे हैं जो लगभग पूरे चिरमिरी की समस्या बन गई है जिसके संबंध मे चिरमिरी वासियों ने विधायक व स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मिलकर उन्हें अवगत कराया जिसके बाद मंत्रीजी ने वन विभाग के अधिकारियों से बात कि मंत्रीजी के हस्तक्षेप के बाद वन विभाग के कर्मचारी अधिकारी हरकत मे आए तो सही लेकिन पूरी तरह से चिरमिरी वासियों की समस्याओं का निदान नही हो पाया आलम यह है कि चिरमिरी के कई क्षेत्र मे बंदरों का आतंक बना हुआ है और उन क्षेत्र के लोग डर के साय मे हैं बंदरों के हमले का डर हर समय लगा रहता है खास कर बच्चों और बुजुर्गों पर कभी भी ये आसानी से हमला कर देते हैं बरतुंगा कोठारी मे तो ये रोज की बात हो गई है ऐसा एक भी दिन नही जिस दिन बंदरों ने किसी न किसी पर हमला न किया हो अब तो लोग घर से निकले से भी डरते हैं लेकिन वन विभाग के कर्मचारी अधिकारी न जाने क्यूं कोई कार्यवाही नही करते लगता है किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहे हैं। खैर कोठारी वासियों को तो आदत हो गई है अब इन समस्याओं कि कोयला खदान बंद होने के बाद से यहां कि समस्याएं घटने का नाम ही नही लेती कभी पानी तो कभी बिजली तो कभी मकान गिरने का डर उस पर अब इन बंदरों का आतंक मानो चिरमिरी और चिरमिरी वासी अब भगवान भरोसे ही हैं।