जगदलपुर। एचडीएफसी बैंक परिवर्तन कार्यक्रम के अंतर्गत आज कलेक्टोरेट कार्यालय, जगदलपुर में “क्लाइमेट रेसिलिएंट गांव” पहल का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन "प्रदान संस्था" द्वारा किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य बस्तर क्षेत्र की 4,000 महिला कृषकों की आजीविका को सुदृढ़ करना और उन्हें जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से जूझने के लिए सक्षम बनाना है। कार्यक्रम के अंतर्गत समेकित प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, पुनर्जननशील कृषि एवं सौर ऊर्जा समाधानों को बढ़ावा दिया जाएगा।
बस्तर, जो हाल के वर्षों में अनियमित वर्षा, बाढ़ और सूखे जैसी जलवायु चुनौतियों का सामना कर रहा है, भारत के सर्वाधिक संवेदनशील क्षेत्रों में गिना जाता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को जलवायु अनुकूल खेती पद्धतियों, जैसे मिश्रित एवं जैविक कृषि, वनों के संरक्षण और विविध आजीविका विकल्पों के माध्यम से सशक्त बनाना है।
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें—
* श्री आलोक तिवारी, मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ), जगदलपुर
* श्री उत्तम कुमार गुप्ता (आईएफएस), वनमंडलाधिकारी, बस्तर
* श्री आलोक भार्गव, पशुपालन विभाग
एचडीएफसी बैंक से—
* श्री चंद्रशेखर राय, क्लस्टर हेड
* श्री विकास कुमार गुप्ता, सीनियर मैनेजर – सीएसआर
* श्री राज पटेल, शाखा प्रबंधक, जगदलपुर
* श्री अब्रार खान, शाखा प्रबंधक, जगदलपुर
साथ ही "प्रदान संस्था" स्थानीय समुदायों एवं महिला समूहों की प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ।
समापन अवसर पर "प्रदान संस्था" की कार्यकर्ता भक्ति भट्ट ने धन्यवाद ज्ञापन दिया और कहा, “जलवायु अनुकूल गाँव बनाना केवल खेती का विषय नहीं, बल्कि सामूहिक लचीलापन बढ़ाने की दिशा में उठाया गया कदम है।