August 06, 2025


भारत की सुरक्षा: CISF की संख्या2.2 लाख हुई, अगले पाँच वर्षों तक हर साल 14000 की होगी भती

औद्योगिक सुरक्षा को और मजबूत देने तथा देश के आर्थिक विकास को सुरक्षित आधार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठातेए

किरंदुल। गृह मंत्रालय (MHA) ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की अधिकतम संख्या सीमा 1,62,000 से बढ़ाकर 2,20,000रने की मंजूरी दे दी है।

जैसे-जैसे भारत वर्ष में औद्योगिक नई इकाइयाँ खोली जा रही हैं, वह वृद्धि ते्जी से बढ़ते विभागों रेलवे, बंदरगाह क्षेत्र,मेट्रो परियोजनाएं, विमान क्षेत्र, भारत विद्युत ग्रिड और जम्मू-कश्मीर में जेल परिसरों के रूप में देखी जा रही है। इसलिएऔद्योगिक सुरक्षा की मांगों को प्रभावशाली ढंग से पूरा करने हेतु यह आवश्यक है कि सुरक्षाबलों की कमी के कारण, नएऔद्योगिक केंद्र ठप न पड़ें या अनुपेक्षित घटनाओं की चपेट में न आएँ। ऐसी प्रभावी सुरक्षा प्रदान करने के लिएसीआईएसएफ की मजबूत उपस्थिति अनिवार्य हो जाएगी।        

 बल की संख्या में यह वृद्धि रोजगार के नए अवसर भी लेकर आ रही है। व्र्ष 2024 में 13,230 नए कर्मियों की भर्ती कीजा रही है, जबकि 2025 में 24,098 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। अनुमान है कि अगले पाँच वर्षों तक प्रत्येक वर्ष14,000 नए जवान CISF में शामिल किए जाएंगे। इससे बल को भविष्य की सूुरक्षा जरूरतों और चुनौतियों के लिए औरअधिक तैयार करेगा। इन भर्तियों में महिलाओं की भी भागीदारी बढ़ाई जाएगी, जिसे CISF की उन महिलाओं को समर्पणप्राप्त हो जो वर्तमान में बल की कार्य नीति में अपनी सेवा दे रही हैं।

बल की ताकत में यह इज़ाफा एक नई बटालियन के गठन का मार्ग भी प्रशस्त करेगा, जो आंतरिक सुरक्षा, आपदा तैनातीजैसी ज़रूरतों में अहम भूमिका निभाएगी।

पिछले साल CISF ने अपने सुरक्षा दायरे के तहत सात नई इकाइयाँ शुरू की हैं - जिनमें संसद भवन परिसर, अयोध्याएयरपोर्ट, हरियाणा स्थित NTPC कोयला खनन सुरक्षा परियोजना, पुणे स्थित ICMR-राषट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान,उमरेश्वर पावर प्लांट के तहत विद्युत संयंत्र और नीमच की व्यास सतलुज लिंक परियोजना शामिल हैं। साथ ही, संसद भवनऔर एटा की परियोजनाओं में अधिग्रहण की दो नई इकाइयाँ भी शामिल की जा रही हैं।

यह विस्तार भारत के बढ़ते आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों की सुरक्षामें CISF को अहम भूमिका को दर्शता है। यह विस्तार बलको और अधिक व्यापक सुरक्षा दायरे में कार्य करने के लिएसक्षम बनाएगा। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चषित करना है, ताकि बढ़ते भारत को सुरक्षा के उस स्तर की प्राप्ति होसके जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण और आवश्यक सुरक्षा इकाई बना रहे।


Related Post

Archives

Advertisement

Trending News

Archives