भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र
मोदी का गरीब से गरीब आदमी को सम्पन्न बनाने का संकल्प है। बदलते दौर का भारत
प्रधानमंत्री श्री मोदी के गत 11 वर्ष के कार्यकाल में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों का प्रमाण है। मध्यप्रदेश
सरकार प्रधानमंत्री जी के संकल्प की पूर्ति के लिए उद्योग और अर्थ-व्यवस्था के
क्षेत्र में भारत के निरंतर सशक्त होने में पूरी तरह सहभागी है। उद्योगपतियों को
मध्यप्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहनकारी नीतियों का लाभ देने के साथ ही
नीतियों से हटकर भी अतिरिक्त सुविधाएं देने का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ.
यादव सोमवार को दुबई में इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश बिजनेस- फोरम के विशेष सत्र को
संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई के
उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में पर्यटन,टेक्सटाइल और एमएसएमई सहित अन्य सेक्टर्स में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्यमशीलता यह है कि उद्यमी न करे धनसंग्रहित
बल्कि उस धन को उद्यम में लगाकर अपने व्यवसाय को और बढ़ाएं। इससे व्यापार कई गुना
बढ़ जाता है। व्यापार की यह समझ दुबई के उन उद्योगपतियों में है जो भारतीय हैं और
इस देश के विकास में विशेष सहयोगी हैं। टेक्समास टेक्सटाइल क्षेत्र देखकर सुखद
अनुभव हुआ है, यहां योजना पक्ष की श्रेष्ठता देखने को मिली
है। यह मॉडल मध्यप्रदेश में भी लागू करने का प्रयास रहेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि
मध्यप्रदेश सभी सेक्टर के निवेशकों का स्वागत कर रहा है। हम इसी उद्देश्य से दुबई
आए हैं। केंद्र और राज्य सरकार गरीब से गरीब की जिंदगी बेहतर करने के लिए कार्य कर
रही है। प्रदेश के किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम दिला पाएं, इसके लिए सरकार सभी दायित्वों का निर्वहन कर रही है।
उद्योगपतियों के आगे बढ़ने के पीछे भारतीय संस्कृति और खान-पान की बड़ी भूमिका है।
मध्यप्रदेश के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। राज्य सरकार दीर्घकालिक प्रगति के उद्देश्य
से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि
मध्यप्रदेश में निवेश के जो लाभ हैं उनके बारे में मध्यप्रदेश सरकार के वरिष्ठ
अधिकारियों ने विस्तारपूर्वक जानकारी दी है। भारत के साथ दुबई के परस्पर प्रगाढ़
व्यापारिक संबंध हैं। दुबई का इतिहास देखें तो 19वीं सदी में यह मत्स्य पालन और मत्स्य आखेट का प्रमुख केंद्र रहा है। वर्ष
1950 से 1970 के मध्य तेल की उपलब्धता
ने इस क्षेत्र को बदल दिया। आज दुबई गगनचुम्बी अट्टालिकाओं के कारण जाना जाता है।
यूएई की वर्तमान दशा में विश्व बंधुत्व का भाव भी शामिल है। वस्तुत: यह भारतीय
दर्शन है। अरब के इस क्षेत्र ने हमारी भावना को अंगीकार किया है। यहां बड़ी संख्या
में भारतीय रहते हैं जो कहीं भी जाकर समरस हो जाते हैं। अधिकांश बड़े आईआईटी या
आईआईएम से शिक्षित नहीं हैं लेकिन उनकी जिंदगी के अनुभव इन डिग्रियों से
महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज दुबई में भारत के मसालों की
महक और व्यंजन का लाभ लेने का भी अवसर मिला इसकी कोई तुलना नहीं है। अब मेट्रो और
बुलेट ट्रेन दुबई की पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धन दौलत के साथ मन
का प्रेम भी महत्वपूर्ण है। यहां बसे भारतीयों से ऐसा ही स्नेह मिला। दुबई पर
ईश्वर का विशेष आशीर्वाद भी देखने को मिलता है।
आपरेशन सिंदूर की सफलता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि
बदलते दौर में डिजिटल युग से दुनिया छोटी हो गई है। बिना हिले -डुले करोड़ों का
व्यवसाय किया जा सकता है। यही परिवर्तन युद्ध क्षेत्र में भी देखने को मिला है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपरेशन सिंदूर के माध्यम से यह संकल्प दुनिया को दिखा
दिया कि हम शत्रु के घर जाकर उसे मार सकते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जीयो और
जीने का संदेश भी दिया है। भारत का विरोध किसी देश से न होकर आतंकवादियों से है।
गरीबों को सम्पन्न बनाने के लिए चाहिए व्यापार की समझ
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 2014 से लेकर वर्ष 2025 तक दुबई के साथ द्वि-पक्षीय संबंध
विकसित किए हैं। गरीबों को सम्पन्न बनाने के लिए व्यापार की समझ होना चाहिए। इस
दिशा में प्रधानमंत्री श्री मोदी निरंतर महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। उन्होंने 90
प्रतिशत कस्टम ड्यूटी फ्री करने का कार्य किया। दुबई से उन्होंने
दुनिया के द्वार खोले जो एक उदाहरण है। आज अन्य देश भी दुबई मॉडल के साक्षी बन रहे
हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि फूड चैन सप्लाई से लेकर अन्य क्षेत्रों में
मध्यप्रदेश के दुबई से मजबूत संबंध रहेंगे। भारत की अर्थव्यवस्था पिछले दस वर्ष
में बदल गई है। भारत जहां 11वें स्थान पर था अब तीसरी बड़ी
अर्थव्यवस्था बन रहा है। एविएशन सेक्टर में टाटा संस्थान ने मजबूती प्रदान की है।
भारत में भी मेट्रो और वंदेभारत से आगे बढ़कर अहमदाबाद से मुम्बई के मध्य बुलेट
ट्रेन शुरू हो रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारत का सोना जो अन्य देशों में
था उसे वापस लाने का बड़ा कार्य भी किया है। इस तरह भारत की साख बढ़ाने का कार्य
सक्षम प्रधानमंत्री श्री मोदी जी कर रहे हैं।
किसान कल्याण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि
मध्यप्रदेश में गेहूं और अन्य फसलों परकिसानों को अच्छी कीमत देने के लिए रणनीति
तैयार की गई। किसान का उत्पादन उन क्षेत्रों तक पहुंचे जहां बेहतर दाम मिल सकता
है। मध्यप्रदेश में कुशल श्रमिकों की उपलब्धता भी है। यहां कृषि और खाद्य
प्रसंस्करण क्षेत्र में भी दुबई सहित अन्य देशों के उद्यमी आकर्षित हो रहे हैं।
इससे पहले अपर
मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी श्री संजय दुबे ने कहा कि भारत तकनीकी
क्षेत्र में तेज़ी से अग्रणी बन रहा है। मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में टेक्नोलॉजी
की लहर चल रही है। इंदौर और भोपाल जैसे टियर-2 शहरों में तकनीकी प्रतिभा और आधारभूत संरचना दोनों उपलब्ध
हैं। मध्यप्रदेश में ईज ऑफ लिविंग, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस,
स्वच्छ वातावरण, ट्रांसपोर्टेशन समय में कमी,
तकनीकी दक्ष युवा सहित कई सुविधाएं मौजूद है, जो
राज्य को देश में तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी बनाती है। मध्यप्रदेश आईटी और संबंधित
क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने और निवेशकों को वित्तीय और गैर वित्तीय सुविधाएं
देने के लिये 5 नीतियां लागू की है। मध्यप्रदेश शीघ्र ही
स्पेसटेक नीति लागू करने जा रहा है। उन्होंने बताया कि उज्जैन विश्व का ऐसा शहर है
जहां जीएमटी से पहले समय की गणना की जाती थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन
में उज्जैन को एस्ट्रोनॉमी का केन्द्र बनाने के लिये रिसर्च और प्रयास जारी है।
स्टार्टअप, ड्रोन, स्पेस-टेक, एआई और ई-गवर्नेंस सहित 18 से अधिक तकनीकी नीतियों
के माध्यम से प्रदेश तकनीकी निवेश का उभरता हब बन रहा है।
प्रमुख सचिव
पर्यटन एवं संस्कृति श्री शिवशेखर शुक्ला ने मध्यप्रदेश को ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से
समृद्ध “हृदय प्रदेश” बताते हुए कहा कि
यहाँ 800 से अधिक धरोहर स्थल, 18 यूनेस्को
विश्व धरोहर स्थल, 12 नेशनल पार्क, 6 टाइगर
रिजर्व और 3 बायोस्फीयर रिजर्व हैं, जिससे
यह ‘टाइगर’, ‘चीता’ और ‘लेपर्ड स्टेट’ कहलाता है।
महाकाल लोक की स्थापना से धार्मिक पर्यटन में वृद्धि हुई है। पर्यटन व
हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में निवेश बढ़ाने 16 परियोजनाएँ और 18
नीतियाँ लागू की गई हैं। प्रदेश अब फिल्म पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र
बन रहा है।
प्रमुख सचिव
औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेंद्र सिंह ने कहा कि दुबई में
भारतीयों की सफलता वैश्विक प्रेरणा है और यह दिखाती है कि सीमाएं केवल मानसिक होती
हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “यही समय है, सही समय है” मंत्र और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश तेज़ी से
विकास कर रहा है। राज्य में 700 से अधिक निवेश बैठकें,
5 अंतर्राष्ट्रीय रोड शो और ₹30.7 लाख करोड़
के निवेश प्रस्ताव दर्शाते हैं कि निवेश के लिए यह आदर्श गंतव्य बन चुका है।
उन्होंने कहा कि जो एक बार मध्यप्रदेश आता है, वो यहीं का हो
जाता है।
इंडियन बिजनेस
एण्ड प्रोफेशनल काउंसिल (आईबीपीसी) के सेक्रेटरी जनरल श्री साहित्य चतुर्वेदी ने
स्वागत उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दुबई यात्रा से भारत और यूएई
के बीच दीर्घकालिक संधि का निर्धारण होगा। आईबीपीसी की स्थापना वर्ष 2003 में भारत और यूएई के बीच
व्यापारिक संबंधों को सुदृढ़ करने के लिये हुई थी। अपनी स्थापना से वर्तमान तक यह
संस्था भारतीय उद्योगों को यूएई में स्थापित करने और प्रवासी भारतीयों को हर संभव
मदद प्रदान करेगी।
यूएई में भारतीय महावाणिज्यदूत
श्री सतीश सिवान ने कहा कि वर्ष 2015 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ऐतिहासिक दुबई यात्रा के बाद भारत और
यूएई के बीच साझा समृद्धि और विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्ष
2022 में (व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता) एग्रीमेंट लागू
किया गया था। समझौ माध्यम से दोनों देशों के बीच व्यापार को प्रोत्साहित करने
संस्थागत तंत्र विकसित हुआ है जिससे भारत के एमएसएमई सेक्टर को लाभ प्राप्त हो रहा
है। श्री सिवान ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह
यात्रा भारत और यूएई के संबंधों में नया अध्याय लिखेगी। भारत और यूएई के बीच
रणनीतिक साझेदारी ऐतिहासिक है। मध्यप्रदेश को इस साझेदारी का लाभ मिलेगा।
मध्यप्रदेश के लिये कृषि, खाद्य प्र-संस्करण, टेक्सटाइल, रिन्यूऐबल एनर्जी और स्टार्ट-अप में
निवेश के लिये अपार संभावनाएं है। मध्यप्रदेश की समृद्ध वन संपदा, वेलनेस सेक्टर, सांस्कृतिक धरोहर और पर्यटन स्थल
यूएई के निवेशकों को आकर्षित करेंगे। सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क विभाग डॉ. सुदाम
खाड़े ने आभार माना।