अरुण शर्मा/संवाददाता
किरंदुल। देश के 25 करोड़ कामगार आज बुधवार को देशव्यापी हड़ताल पर उतरे इसमें बैंकिंग, बीमा, डाक सेवाओं से लेकर कोयला खदान, राज्य परिवहन सेवा, कारखाने ,लोह अयस्क की खदानों में काम करने वाले कामगार शामिल हुए। 10 ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने इसे भारत बंद का नाम दिया है। इस देशव्यापी हड़ताल में किसान और ग्रामीण मजदूर भी शामिल होंगे। राष्ट्रव्यापी औद्योगिक हड़ताल की मुख्य मांगे हैं कि मजदूर विरोधी चारों नए लेबर कोड को निरस्त किया जाए ,सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्रों के उद्योगों ,बैंकों, बीमा का निजीकरण करना बंद हो ,न्यूनतम मजदूरी 26000 रुपये हो, पुरानी पेंशन योजना लागू हो ,ठेकेदारी प्रथा बंद हो, रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति हो ,बेरोजगारों को नोकरी दो, मंहगाई पर रोक लगाओ ,निशुल्क शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था मुहैया कराई जाए इन उल्लेखित मुद्दों को लेकर एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के मजदूर संगठन एटक और इंटुक के हजारों श्रमिक साथियों ने नगर के बस स्टैंड के समीप लगातार हो रही झमाझम बारिश के बीच भी केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ जारी देश व्यापी हड़ताल का समर्थन करते हुए केंद सरकार के खिलाफ जमकर हुंकार भरी इस देशव्यापी हड़ताल का समर्थन करते हुए मजदूर संघ एटक और इंटक के आव्हान पर एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के हजारों श्रमिक साथियों ने देशव्यापी हड़ताल का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ भारी बारिश में भी धरने में शामिल हुए मजदूरों की इस देशव्यापी हड़ताल के दौरान जारी धरना प्रदर्शन के दौरान एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के श्रमिक संघ संयुक्त खदान मजदूर संघ एटक किरंदुल के अध्यक्ष देवरायलु ,सचिव राजेश संधू ,कार्यकारी अध्यक्ष रोशन मिश्रा ,नामदेव ,नरसिम्हा रेड्डी ,श्रमिक संघ मेटल माइन वर्कर्स यूनियन इंटक किरंदुल के अध्यक्ष विनोद कश्यप ,सचिव ए के सिंह ,कार्यकारी अध्यक्ष चिन्ना स्वामी ,संगठन सचिव राकेश लाल,दिनेश साहू ,बी एल तारम ,बिजी प्रदीप के साथ हजारों मजदूर उपस्थित रहे।