भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिजली सबकी जरूरत है। सबको जरूरत
के अनुसार बिजली उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिजली सस्ती दरों
पर मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर मॉडल सबसे अच्छा है, इसलिए विद्युत उपभोक्ताओं के हित में सबके घरों में
स्मार्ट मीटर लगाए जाएं। इससे उपभोक्ताओं को 20 प्रतिशत
सस्ती दर पर बिजली मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास
स्थित समत्व भवन में ऊर्जा विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे
थे। मुख्यमंत्री ने स्मार्ट मीटर लगाने से उपभोक्ताओं को मिलने वाले लाभों का
जिक्र करते हुए कहा कि इसमें उपभोक्ता को खुद की खपत का आंकलन कर ऊर्जा का अपनी
सुविधानुसार उपयोग कर अपने बिजली बिल की राशि को कम से कम करने की सुविधा भी मिलती
है। उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को स्मार्ट मीटर लगाने की गति को और तेज
करने के निर्देश दिये। बताया गया कि प्रदेश में 1.34 करोड़
घरेलू स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 21 लाख से भी अधिक घरेलू स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मई-जून
में विभिन्न स्थानों पर हुए विद्युत अवरोधों पर चर्चा करते हुए कहा कि विद्युत
उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए साल भर मेंटीनेंस गतिविधियां चलाई
जाएं, ताकि आंधी, पानी या अन्य किसी घटना के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित न हो। उन्होंने कहा
कि मेंटीनेंस गतिविधियों में नई एप्रोच के साथ नए उपाय किए जाएं। नये उपकरण क्रय
किये जाएं। जहां घने पेड़ हैं, उनके नीचे से गुजरने वाले
बिजली के तारों में कोटिंग कराएं। पॉवर/लाईन लॉसेस कम से कम करें और ऊर्जा की बचत
के सभी तरीकों पर गंभीरता से अमल करें।
विद्युत
उपभोक्ताओं को सोलर ऊर्जा के उपयोग के लिए प्रेरित करें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि
घरेलू हो या औद्योगिक सभी जगह विद्युत का उपयोग बढ़ रहा है। इसलिए घरेलू और
औद्योगिक संस्थानों को सोलर पॉवर के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इससे
उपभोक्ता अपनी बिजली स्वयं पैदा कर अतिरिक्त बिजली बेच भी सकेगा। उन्होंने कहा कि
कृषि क्षेत्र में विद्युत उपयोग को भी सोलर पॉवर से चलित पम्पों पर शिफ्ट किया
जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जरूरत वाले जिलों में ट्रांसफार्मर
रिपेयरिंग यूनिट की स्थापना के लिए विभागीय नीति तैयार कर लें। उन्होंने कहा कि
विद्युत उपभोक्ताओं को सर्वाधिक लाभ उपलब्ध कराने के लिए ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा
विभाग मिलकर प्रयास करें।
बिजली
कंपनियों को दो वर्ष में लाएं लाभ की स्थिति में
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि
अगले दो साल में तीनों विद्युत वितरण कंपनियां लाभ की स्थिति में आ जाएं इसके लिए
विद्युत कंपनियां अपनी आय के साधन बढ़ाने के प्रयास करें। नई तकनीक इस्तेमाल करें, नवाचार करें, ताकि कंपनी के साथ-साथ
उपभोक्ताओं को फायदा मिले।
रबी सीजन में
पर्याप्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि
रबी 2025-26 के लिये पर्याप्त बिजली
की उपलब्धता सुनिश्चित करें। इसके लिये अभी से तैयारियां शुरू करें। बैठक में
बताया गया कि रबी सीजन में लगभग 20200 मेगावॉट विद्युत मांग
संभावित है। गत वर्ष यह मांग 18 हजार 913 मेगावॉट थी।
वन टाइम
सेटलमेंट स्कीम
ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न
सिंह तोमर ने कहा कि बिजली बिल की बकाया राशि के समाधान के लिए विभाग द्वारा वन
टाइम सेटलमेंट स्कीम प्रारंभ की जा रही है। घरेलू, औद्योगिक एवं वाणिज्यिक सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को उनकी मूल बिजली बिल
राशि में अधिभार की छूट देकर बकाया राशि जमा करने की सुविधा दी गई है। यह स्कीम छह
माह की अवधि के लिए लागू की जाएगी। इस अवधि के बाद भी बिजली बिल भुगतान नहीं करने
वाले उपभोक्तओं का विद्युत कनेक्शन विच्छेदित कर दिया जाएगा। उन्होंने विद्युत
वितरण कम्पनियों के नये सेटअप के संबंध में भी चर्चा की। श्री तोमर ने मुख्यमंत्री
द्वारा ऊर्जा विभाग के विभिन्न प्रस्तावों की स्वीकृति पर उनका आभार व्यक्त किया।
अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री
मंडलोई ने बताया कि दूसरे राज्यों की तुलना में ऊर्जा के प्रमुख सूचकांकों में
(संग्रहण दक्षता में) मध्यप्रदेश देश में पहले नम्बर पर है। प्रदेश में 97.92 प्रतिशत संग्रहण क्षमता हासिल की गई है। उन्होंने
बताया कि विभाग ने वर्तमान वित्त वर्ष के साथ-साथ अगले तीन वर्षों के लिए अपने
लक्ष्य तय कर लिए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 तक
ऊर्जा विभाग बिजली दर टैरिफ में कमी लाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि
इसी दौरान विभाग बिल दक्षता 90 प्रतिशत, संग्रहण दक्षता 99 प्रतिशत और एटी एण्ड सी हानि को 14
प्रतिशत तक कम कर लेने के लक्ष्य के लिए प्रयासरत है।
पीएम जन-मन
में शत प्रतिशत परिवारों को विद्युतिकृत करने का लक्ष्य
बैठक में अपर मुख्य सचिव ऊर्जा
ने बताया कि विभाग द्वारा प्रधानमंत्री जनजाति न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) में
विशेष पिछड़े जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के 29 हजार 290 परिवारों के घरों को शत प्रतिशत
विद्युतीकरण कर देने का लक्ष्य लिया गया है। वर्तमान वित्त वर्ष में अब तक 21
हजार से अधिक पीवीटीजी परिवारों के घरों को विद्युतीकृत कर दिया गया
है। उन्होंने बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में प्रदेश के
अनुसूचित जनजाति वर्ग के 55 हजार 795 परिवारों
के घरों को भी शतप्रतिशत विद्युतिकृत करने की विभाग की योजना है। यह लक्ष्य इसी
वित्त वर्ष में प्राप्त लिया जाएगा।
प्रदेश के छह
महानगरों में खोले जाएंगे एक-एक विद्युत पुलिस थाने
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि
प्रदेश में ऊर्जा पुलिस संरचना स्थापित की जाएगी। पहले चरण में प्रदेश के छह
महानगरों में एक-एक (कुल छह) विशेष विद्युत पुलिस थाने स्थापित किए जाएंगे। आगामी
वर्षों में सभी जिला मुख्यालयों में यह पुलिस थाने स्थापित किए जाएंगे। ये पुलिस
थाने चेकिंग अभियान के दौरान चेकिंग दस्तों को सुरक्षा उपलब्ध कराएंगे। औचक
निरीक्षण करेंगे और केस डायरी भी तैयार करेंगे। विद्युत अधिनियम के तहत आरोपियों
के खिलाफ एफआईआर दर्ज करेंगे और अदालती कार्यवाही का अवलोकन भी करेंगे ताकि
डिस्कॉम की सम्पत्ति की सुरक्षा और बकाया राशि की वसूली के लिए बकाया वसूली
अधिनियम के तहत कार्यवाही करेंगे। उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र में विद्युत के
उपयोग का भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा इसके लिए वितरण कंपनियों को निर्देशित कर
दिया गया है।
शासकीय कार्यालयों
में लगेंगे प्री-पेड मीटर
बैठक में बताया गया कि शासकीय
कार्यालयों में 15 अगस्त से
प्री-पेड मीटर लगाने का कार्य शुरू होगा। इससे शासकीय कार्यालयों में लंबित बिजली
बिलों की समस्या नहीं होगी।
बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग
जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर
मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव नवीन एवं
नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव वित्त
श्री मनीष रस्तोगी, प्रबंध संचालक मप्र ऊर्जा विकास निगम,
तीनों विद्युत वितरण कंपनी लि. के सीएमडी तथा अन्य विभागीय वरिष्ठ
अधिकारी उपिस्थत थे।