किरंदुल। भारत देश को प्राचीन काल से मंदिरों का देश माना जाता है। हम सनातनियों की आस्था हिन्दू देवी देवताओं के साथ साथ प्राचीन काल के मंदिरों से भी जुड़ी हुई है। इस धार्मिक महत्व की आस्था का एक नया चौकाने वाला मामला किरंदुल नगर में भी देखने को मिल रहा है। उल्लेखनीय है कि यह कहानी लोह नगरी किरंदुल में फुटबॉल ग्राउंड के समीप स्थित शीतला माता मंदिर जो कि एनएमडीसी किरंदुल परियोजना की आवासीय कालोनी न्यू टाइप थ्री के बीचों बीच स्थित है उस मंदिर के प्रवेश द्वार पर किसी सब्जी विक्रेता ने वर्षो से सब्जी की दुकान लगा रखी है।गौर करने वाली बात तो यह है कि उक्त शीतला माता मंदिर के प्रबंधन समिति के द्वारा भी उस सब्जी विक्रेता को इतनी छूट दे दी गई है कि उक्त सब्जी विक्रेता ने पूरी दबंगई के साथ शीतला माता मंदिर के प्रवेश द्वार को पूरी तरह घेरकर प्रवेश द्वार पर सब्जी मंडी सजा दी है। शीतला माता मंदिर पर पूजा अर्चना करने जाने वाले सनातनी धर्म प्रेमियों महिलाओं और पुरुषों का एक ही कहना है कि माता के दर्शन करने के पहले श्रदालु अपने घर से नहा धोकर जाते हैं परंतु मंदिर के प्रवेश द्वार पर सब्जी विक्रेता के साथ साथ सब्जी खरीदने वालों की भीड़ को देखकर दर्शन करने वाले महिलाओं और पुरुषों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।कुछ श्रदालुओं ने कहा कि ऐसा लगता है कि शीतला माता मंदिर प्रबंधन ने सोच कर रखा हैं कि पहले सब्जी दुकान से सब्जी खरीदों उसके बाद मंदिर में प्रवेश करो। विदित है कि सनातन संस्कृति के अनुसार किसी भी मंदिर में प्रवेश के पूर्व नारियल या अगरबत्ती की खरीदी की जाती है।परंतु इस मंदिर के आस पास किसी नारियल की दुकान ना हो कर आलू प्याज की दुकान लगने से आस्था प्रेमियों में यह चर्चा आम तौर पर चल रही है कि वाकई में देश में पहला ऐसा मंदिर है जिस के प्रवेश द्वार पर पहले सब्जी खरीदों फिर माता के दर्शन करो जैसी नीति उपलब्ध है। मान्यता है कि मंदिर या सनातन संस्कृति में प्याज को किसी भी पूजा अर्चना से वंचित रखा गया है उसके बाद भी फुटबॉल ग्राउंड के समीप स्थित शीतला माता मंदिर के प्रवेश द्वार और शीतला माता मंदिर के लिए बने स्टोर रूम में प्याज का संग्रह समझ से परे है। इस संबंध में चर्चा करते हुए किरंदुल पालिका के पार्षद ए अनिल ने कहा कि किसी भी मंदिर के प्रवेश द्वार पर दुकानों का संचालन गलत है पालिका प्रशासन को तत्काल प्रभाव से उक्त दुकान को हटाने की कार्यवाही करनी चाहिए।