June 27, 2025


एनएमडीसी में भर्ती को लेकर आदिवासी युवा सड़क पर - दो दिनों से एनएमडीसी चेकपोस्ट पर कर रहे अनिश्चितकालीन धरना

एनएमडीसी का उत्पादन ठप्प हो रहा रोजाना करोडों का नुकसान

अरुण शर्मा/संवाददाता

किरंदुल। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा, सुकमा, और बीजापुर जिले के आदिवासी बेरोजगार युवाओं ने गुरुवार सुबह से नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएमडीसी) की किरंदुल और बचेली परियोजना के सीआईएसएफ चेकपोस्ट को जाम कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया हैं। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि एनएमडीसी द्वारा हाल ही में शुरू की गई एल-1 और एल-2 स्तर की भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय प्रभावित निवासियों को प्राथमिकता दी जाए।इस प्रदर्शन में सयुंक्त पंचायत के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीण शामिल हैं, जो अपनी मांगों को लेकर दृढ़ संकल्पित दिखाई दे रहे हैं।एनएमडीसी, एक नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी, दंतेवाड़ा के बैलाडिला आयरन ओर माइन्स में लौह अयस्क खनन का कार्य करती है। हाल ही में एनएमडीसी ने किरंदुल, बचेली, और डोनिमलई परिसरों में विभिन्न ट्रेनी पदों के लिए 995 रिक्तियों की घोषणा की थी। इनमें फील्ड अटेंडेंट, मेंटेनेंस असिस्टेंट, ब्लास्टर, इलेक्ट्रीशियन, और अन्य तकनीकी पद शामिल हैं।  हालांकि, स्थानीय आदिवासी समुदाय का कहना है कि इन भर्तियों में बाहरी उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि परियोजना से प्रभावित स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसरों से वंचित किया जा रहा है। ग्रामीणों का तर्क है कि खनन गतिविधियों के कारण उनकी जमीन, आजीविका, और पर्यावरण प्रभावित हुआ है, इसलिए उन्हें रोजगार में प्राथमिकता मिलनी चाहिए।आज सुबह से शुरू हुए इस धरने में ग्रामीणों ने किरंदुल और बचेली परियोजना के प्रवेश द्वारों को पूरी तरह बंद कर दिया है। हालांकि, जिला प्रशासन और पुलिस ने रात 3 बजे से ही चेकपोस्ट पर अपनी मौजूदगी सुनिश्चित की थी ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। प्रथम पाली के लिए कार्य पर जाने वाले कर्मचारियों के लिए रास्ता खुला रखा गया था, लेकिन एनएमडीसी के कई कर्मचारियों ने ग्रामीणों के समर्थन में अपने कार्यों पर जाने से इनकार कर दिया। यह एकजुटता इस आंदोलन की ताकत को दर्शाती है।

एनएमडीसी के आज के बंद से अरबो रुपये का नुकसान परियोजना को हुआ है और अगर आंदोलन लंबा समय तक चला तो देश को  करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ेगा आंदोलनकारी खाना पीना साथ लेकर आये है। उनकी लड़ाई देख कर लग रहा है कि वो इस बार आरपार की लड़ाई के मूड में है।

ब्लॉक,,,मंगल कुंजाम आदिवासी नेता ने कहा कि जल जंगल जमीन हमारा पर नोकरी बाहर के लोगो को जो निम्न स्तर की नोकरी है खलासी आईटीआई इसमे यही के बच्चे लगे चाहे वो एस टी हो एससी हो ओबीसी हो या जनरल हो यही जो बच्चा पैदा हुआ यही पड़ा उसको ही नोकरी मिलनी चाहिए इस बार हम अपना हक लेकर रहेंगे।


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