भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकतंत्र भारतीय सभ्यता और
संस्कृति का अभिन्न अंग है। यह केवल एक शासन प्रणाली नहीं, बल्कि हमारी जीवनशैली की आत्मा और पहचान है। उन्होंने कहा
कि लोकतंत्र भारतीय जनमानस में पुराकाल से रचा-बसा है और इसकी जड़ें हमारी परंपराओं
में गहराई तक फैली हुई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास
में लोकतंत्र सेनानियों के प्रादेशिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर
उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती में लोकतंत्र सेनानियों के अमूल्य योगदान की सराहना
करते हुए कहा कि हमारा वर्तमान लोकतंत्र उनके अनथक संघर्ष और बलिदान का ही परिणाम
है। आज हम एक मजबूत और जवाबदेह लोकतांत्रिक व्यवस्था में जीवन व्यतीत कर रहे हैं,
इसके मूल में लोकतंत्र सेनानी ही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा
कि लोकतंत्र शासन को जवाबदेह बनाता है, नागरिकों को अधिकार
देता है और प्रत्येक व्यक्ति को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है।
लोकतांत्रिक प्रणाली ही हमारी विविधता में एकता को बनाए रखने का आधार है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी का
आह्वान किया कि लोकतंत्र की इस विरासत को आगे बढ़ाना हम सबका नैतिक दायित्व है।
उन्होंने कहा कि हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं। दुनिया हमारी ओर हैरत से
देखती है कि यहां लोकतंत्र की जड़ें कितनी गहरी हैं। भारत देश सच्चे अर्थों में
लोकतंत्र का जनक है। उन्होंने कहा कि हम सब लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने वाली
विरोधी ताकतों से मिलकर लड़ेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के
हित में घोषणा करते हुए कहा कि अब 70 साल से अधिक आयु के सभी लोकतंत्र सेनानियों को आयुष्मान कार्ड के माध्यम
से नि:शुल्क इलाज और आवश्यकता पड़ने पर पीएम एयर एम्बुलेंस की सुविधा भी दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2025 को रोजगार एवं
उद्योग वर्ष के रूप में मनाने का फैसला किया है। प्रदेशवासियों के जीवन में उजाला
लाने के लिए सरकार नित नई योजनाएं लेकर आ रही हैं। पात्र होने पर लोकतंत्र
सेनानियों के परिजनों को भी इन सभी शासकीय योजनाओं में प्राथमिकता के अनुरूप लाभ
दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिजन के
कल्याण के लिए कोई कसर नहीं रखेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव, कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत एवं अन्य अतिथियों
ने 'मीसा पत्रिका' और प्रधानमंत्री
श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आपातकाल के दौरान लिखे गए पत्रों, विचारों, आलेखों से जुड़े संस्मरणों पर आधारित एक 'इमरजेंसी डायरी' का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ.
यादव ने कर्नाटक के राज्यपाल श्री गहलोत, हरियाणा के पूर्व
राज्यपाल श्री कप्तान सिंह सोलंकी, जल संसाधन मंत्री श्री
तुलसीराम सिलावट और म.प्र. हिंदी ग्रंथ अकादमी के अध्यक्ष श्री अशोक कड़ेल को
लोकतंत्र सेनानी होने के सम्मान स्वरूप ताम्रपत्र देकर सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रभारी मंत्री अपने-अपने प्रभार के जिलों में सभी
लोकतंत्र सेनानियों को ताम्रपत्र देकर सम्मानित करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि
केंद्र सरकार ने 25 जून को संविधान
हत्या दिवस घोषित किया है। आज 26 जून को लोकतंत्र सेनानी
प्रादेशिक सम्मेलन हो रहा है। आपातकाल के दौर में लोकतंत्र सेनानियों की क्या
चुनौतियां थी, ये मुझे बचपन में समझने का मौका मिला। एक
भूतपूर्व प्रधानमंत्री ने अपना शासन बरकरार रखने के लिए देश पर आपातकाल लगा दिया
था। उस आपातकाल की देश ने बड़ी कीमत चुकाई। लोकतंत्र को बचाने के लिए तत्कालीन
लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष पूरा देश याद रखेगा।तत्समय कांग्रेस सरकार ने चुनी हुई
सरकारों को भंग करने का कार्य किया था। कांग्रेस शासनकाल में इन्हीं के एक वरिष्ठ
नेता ने अध्यादेश की कॉपी फाड़कर चुनी हुई सरकार और संविधान का अपमान किया था।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में श्रीराम जन्म भूमि विवाद और तीन
तलाक जैसे बड़े फैसले देश की सर्वोच्च न्यायालय ने दिए। उन्होंने कहा कि संविधान
और लोकतंत्र के संवर्धन के लिए वर्तमान सरकार ने अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। देश, प्रदेश और अपने नगर की सरकार चुनने में हर व्यक्ति का
योगदान हो, यह हर स्तर पर सुनिश्चित किया गया है।
कर्नाटक के राज्यपाल श्री
थावरचंद गहलोत ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। इसे और
मजबूत करने के लिए लोकतंत्र के सेनानियों ने कड़ी तपस्या की है। आपातकाल के दौरान 46 अध्यादेश जारी किए गए। आपातकाल के दौर में संवैधानिक
आजादी खत्म करते हुए लोगों के बोलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। वर्तमान में देश
के 12 से अधिक राज्यों में लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान
समारोहपूर्वक किया जा रहा है लेकिन मध्यप्रदेश की सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों को
सबसे अधिक सुविधाएं दीं।यह सम्मेलन 25 जून 1975 को आपातकाल के दौरान क्या-क्या हुआ था ,लोगों को
बताने का एक सशक्त माध्यम है। आजादी के 75 साल बाद भारत ने
हर क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने कहा कि आज पर्यावरण का असंतुलन
अर्थात ग्लोबल वार्मिंग एक बड़ी चुनौती है। हम सबको इससे निपटने के लिए आगे आना
होगा। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था आज दुनिया में ऊंचे स्थान पर पहुंच
चुकी है। आजादी की शताब्दी वर्षगांठ 2047 पर मनाई जाएगी,
तब तक हम दुनिया में सिरमौर होंगे । उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए
लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यख श्री तपन भौमिक का आभार जताया।
लोकतंत्र सेनानी संघ के
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कैलाश सोनी ने इस मौके पर कहा कि मध्यप्रदेश की वर्तमान
सरकार लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान की परंपरा को निरंतर आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने लोकतंत्र की खूबसूरती पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जिन्हें कभी जेल में
बंद किया गया, वे (श्री
थावरचंद गहलोत) आज इसी लोकतांत्रिक व्यवस्था की बदौलत राज्यपाल है। 25 जून 1975 की मध्य रात्रि को देश में आपातकाल लागू
हुआ था। तब कोई कैबिनेट बैठक नहीं हुई और तानाशाही रवैये से एकाएक आपातकाल लागू कर
दिया। तत्कालीन राष्ट्रपति अगर कैबिनेट का प्रस्ताव मांगते, तो
शायद देश को आपातकाल का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के चहुंमुखी विकास की
दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि
जब-जब कांग्रेस की सरकार आईं, लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान
निधि पर रोक लगा दी गई थी।
इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव
एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर
पर वंदे मातरम गायन एवं लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया गया। लोकतंत्र सेनानी
संघ ने सम्मान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। इस अवसर पर देश में
आपातकाल लागू करने से जुड़ी केन्द्र सरकार द्वारा निर्मित एक लघु फिल्म का
प्रदर्शन भी किया गया।
सम्मेलन में खेल एवं युवा कल्याण
मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल,
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
श्रीमती कृष्णा गौर, भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, विधायक श्री भगवान दास
सबनानी, विधायक श्री अजय विश्नोई, भोपाल
महापौर श्रीमती मालती राय, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के
प्रांत संघ चालक श्री अशोक पांडे, लोकतंत्र सेनानी संघ के
संरक्षक श्री मेघराज जैन सहित बड़ी संख्या में प्रदेश भर से आए लोकतंत्र सेनानी और
उनके परिजन एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन लोकतंत्र सेनानी
एवं जनसंपर्क विभाग के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी श्री सुरेंद्र द्विवेदी ने
किया।