भोपाल : मुख्यमंत्री
डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महिलाओं और बच्चों का स्वास्थ्य हमारी सबसे बड़ी
प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम इनके स्वास्थ्य
एवं पोषण सुधार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सरकार के प्रयासों से बदलाव अब नजर आ
रहे हैं। बाल पोषण सुधार के लिए मध्यप्रदेश में मिशन मोड पर प्रयास हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को यूनिसेफ इंडिया के प्रतिनिधियों को संबोधित कर
रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से यूनिसेफ
इंडिया की प्रमुख सुश्री सिंथिया मैककैफ्रे ने मुख्यमंत्री निवास में सौजन्य भेंट
की। उन्होंने मध्यप्रदेश की महिलाओं और बच्चों, देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन, एमएचएम के लिए
किशोरियों को नकद सहायता और राष्ट्रीय सीएमएएम के दिशा-निर्देशों को लागू करने तथा
कुपोषण पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व की
सराहना की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि
राज्य सरकार अपने बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति बेहद सजग और प्रतिबद्ध है। सरकार
की बाल पोषण सुधार योजनाओं का लाभ हर सुपात्र बच्चे तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा
कि हम प्रदेश के हर जरूरतमंद व्यक्ति तक अपनी सरकार की योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित
करने की दिशा में तेजी से अग्रसर हैं। सबको सरकार की योजनाओं का लाभ मिले, यह हर स्तर पर तय किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि
प्रदेश में बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए और अधिक प्रयास किए जा रहे हैं।
ऐसे बच्चों को अतिरिक्त सहायता के साथ गंभीर तीव्र कुपोषित बच्चों तक पहुंचने के
लिए सरकार मिशन मोड पर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हम राज्य में बच्चों में
कुपोषण की चुनौती से निपटने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा एवं ग्रामीण विकास विभाग को भी शामिल कर रहे हैं।
यूनिसेफ इंडिया की प्रमुख सुश्री सिंथिया मैककैफ्रे ने यूनिसेफ के सहयोग से स्कूल
ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के छात्रों द्वारा विकसित स्थानिक योजनाएं भी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपीं।
सौजन्य भेंट के दौरान सचिव एवं
आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, यूनिसेफ मध्यप्रदेश (एआई) के प्रमुख श्री अनिल गुलाटी, पोषण विशेषज्ञ सुश्री पुष्पा अवस्थी और पोषण अधिकारी डॉ. सुरेश परमार भी
मौजूद थे। भेंट के दौरान यूनिसेफ प्रतिनिधियों ने प्रदेश में बच्चों के समग्र
विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं बाल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं एवं नवाचारों पर आत्मीय चर्चा की
और मध्यप्रदेश में महिला एवं बाल पोषण सुधार के लिए किये जा रहे विभिन्न प्रयासों
को सराहा।