December 17, 2022


घुमन्तू और कचरा बीनने वाले 12 बच्चों का स्कूल में हुआ दाखिला

कलेक्टर श्री ध्रुव ने बच्चों को तिलक लगा माला पहनाकर हौसला बढ़ाया

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर| मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में घुमन्तू, कचरा बीनने वाले, अनाथ और बेसहारा बच्चों को शिक्षा से जोड़कर उनके भविष्य को संवारने के लिए जिला प्रशासन संचालित बाल जतन अभियान धीरे-धीरे जोर पकड़ने लगा है। इस अभियान के तहत कलेक्टर श्री पी.एस. ध्रुव की मौजूदगी में गुरुवार 16 दिसम्बर को 12 घुमन्तू और कचरा बीनने वाले बच्चों को स्कूल में विधिवत दाखिला कराया गया। कलेक्टर श्री ध्रुव ने इस मौके पर सभी बच्चों को तिलक लगा माला पहनाकर उनकी हौसला अफजाई की। उन्होंने सभी बच्चों को उनकी कक्षा के अनुसार बस्ता एवं पठन-पाठन सामग्री प्रदान करते हुए उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। शाला प्रवेशित सभी बच्चे चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र के भैंस दफाई, महुआ दफाई, टिकरापारा इंदिरा नगर क्षेत्र के हैं। कलेक्टर ने इस मौके पर मौजूद पालकों से बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और भविष्य को लेकर जब समझाईश भरी बातें की, तो पालक भावुक हो उठे। उनकी आंखों में बरबस आंसू आ गए। सभी पालकों ने अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने का संकल्प लिया और कहा कि हम काम पर जाने से पहले अपने बच्चों को स्कूल पहुंचाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल, कलेक्टर श्री ध्रुव एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि पहली बार प्रशासन ने उन जैसे गरीब-दुखियारों के बच्चों की शिक्षा-दीक्षा और भविष्य को लेकर इतनी संवेदनशीलता दिखाई है कि इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए, कम है। गौरतलब है कि मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में बाल जतन अभियान बीते 19 नवम्बर से शुरू किया गया है, अभी इस अभियान को शुरू हुए महीना भर भी नहीं बीता है कि जिला प्रशासन 15 घुमन्तू और कचरा बीनने वाले 15 बच्चों का दाखिला स्कूलों में कराया जा चुका है। स्कूलों में ऐसे श्रेणी के प्रवेशित बच्चों की मॉनिटरिंग अधिकारी नियमित रूप से कर रहे है और सप्ताह में एक दिन स्कूल पहुंचकर बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के बारे में शिक्षकों से चर्चा कर उनका मूल्यांकन रिपोर्ट भी तैयार कर रहे हैं। यह अभियान अभी शुरूआती दौर में जिले के नगरीय क्षेत्रों में शुरू किया गया है। इसका विस्तार अगले चरण में ग्रामीण इलाकों में भी किया जाएगा। इस अभियान से स्वयं सेवी, समाज सेवी संस्थाओं को भी जोड़ने की पहल की जा रही है। कलेक्टर ने सभी धुमन्तू बच्चों के माता-पिता को आजीविकामूलक गतिविधियों से जोड़े जाने की भी पहल की है। इसके लिए निगम आयुक्त द्वारा एस.एल.आर.एम सेंटर एवं मल्टीएक्टिविटी सेंटर में संचालित गतिविधियों से ऐसे परिवारों के लोगों को प्राथमिकता से रोजगार देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। चिरमिरी स्थित शासकीय प्राथमिक शाला हल्दीबाड़ी शाला में कुमारी खुशबू, राकेश, मुकेश, कुमारी मुस्कान, कुमारी ज्योति, अभय कुमार, पीयूष, कुमारी मनीषा, अरूण कुमार, दीपक को कक्षा पहली में तथा वहीं के माध्यमिक शाला की कक्षा 6वीं में कुमारी नीतू, कुमारी आरती प्रवेश दिलाया गया। इस मौके पर जिला प्रशासन के अधिकारी एवं अध्यापकगण मौजूद थे।


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