November 10, 2022


शीतकालीन सत्र की चर्चा से भूपेश क्यों भागना चाहते हैं : नारायण चंदेल

32 फीसदी आदिवासी आरक्षण के लिए फौरन अध्यादेश लाये सरकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि शीतकालीन सत्र 10 दिनों का हो। जिसमें प्रदेश की जनता के हित में विस्तृत चर्चा हो सके। लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शीतसत्र की चर्चा से भागना क्यों चाहते हैं। चर्चा से मुंह क्यों मोड़ना चाहते हैं? नेता प्रतिपक्ष ने आग्रह किया कि दस दिन का शीतसत्र बुलाया जाए और विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा कराई जाए। नेता प्रतिपक्ष श्री चंदेल ने कहा कि जहां तक आदिवासी आरक्षण की बात है तो भारतीय जनता पार्टी का पहले भी और अब भी यह स्पष्ट मत है कि हमारे आदिवासी भाई बहनों को जो 32 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा था, वह बरकरार रहना चाहिए। आदिवासियों को उनका हक मिलना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष श्री चंदेल ने कहा कि सरकार आदिवासी आरक्षण पर दो तरह की बातें कर रही है। अफसरों का अध्ययन दल किसने बनाया। सरकार आदिवासियों का 32 फीसदी आरक्षण का अध्यादेश क्यों नहीं लाती? सरकार तत्काल अध्यादेश लाये। अक्टूबर में फैसला आ गया था। इतने दिन क्या कर रहे थे? छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार हमारे आदिवासी भाइयों के हितों के साथ केवल खिलवाड़ कर रही है। सरकार हर रोज एक नई बात कर रही है। भारतीय जनता पार्टी का स्पष्ट मत है कि 32 प्रतिशत आदिवासी आरक्षण के लिए अध्यादेश लाया जाए और 10 दिन का शीत सत्र बुलाया जाए, जिसमें प्रदेश के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा कराई जा सके।


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