रायपुर : हर परिवार का सपना होता है कि उसके सिर पर अपनी पक्की छत हो, जहां वह अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सुकून भरा जीवन बिता सके। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तनोद निवासी श्रीमती कविता बाई के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण इसी सपने को साकार करने की उम्मीद लेकर आई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में योजना के तहत उनके आवास को स्वीकृति मिलने से परिवार के लिए अपना पक्का घर बनाने की राह आसान हुई है।
कच्चे मकान में रहने वाले परिवारों
के लिए पक्का घर केवल चारदीवारी और छत नहीं, बल्कि
सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का आधार होता है। श्रीमती
कविता बाई भी अपने परिवार के लिए ऐसा ही आशियाना चाहती थीं, जहां
उन्हें स्थायी आवास की सुविधा मिल सके। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के
अंतर्गत आवास की स्वीकृति मिलने से उनकी इस इच्छा को पूरा करने की दिशा में
महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है।
’अपने घर की उम्मीद को
मिला नया सहारा’
श्रीमती कविता बाई के लिए आवास की
स्वीकृति परिवार की एक बड़ी जरूरत पूरी होने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
पक्का घर बनने से परिवार को बेहतर रहन-सहन, सुरक्षा
और दैनिक जीवन में सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। योजना से मिली सहायता ने उनके
परिवार को अपने आवास के सपने के करीब पहुंचाया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के
माध्यम से पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने के लिए सहायता
प्रदान की जा रही है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अपने घर का निर्माण
करने और बेहतर आवासीय सुविधाएं प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।
’प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार’
श्रीमती कविता बाई ने प्रधानमंत्री
आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास स्वीकृत होने पर खुशी व्यक्त करते हुए
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति
आभार जताया है। उनके लिए यह सहायता परिवार के बेहतर भविष्य और सुरक्षित आवास की
उम्मीद का आधार बनी है।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत
श्रीमती कविता बाई की यह ‘सेवा की
कहानी’ बताती है कि आवास जैसी बुनियादी जरूरत पूरी करने के
लिए मिलने वाली शासकीय सहायता जरूरतमंद परिवारों के जीवन में कितना महत्वपूर्ण
बदलाव ला सकती है। अपने पक्के घर की उम्मीद के साथ कविता बाई का परिवार अब बेहतर
और सुरक्षित जीवन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।