फरसगाव : मोहपाल सरपंच मंगल सिंह मरकाम हत्याकांड में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शिक्षक समेत दो और आरोपियो को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सरगराम नेताम (39) और बावन राम नेताम (54) के रूप में हुई है। दोनो को 6 अक्टूबर को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 15 अक्टूबर 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
शिक्षक समेत 2 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक,
गिरफ्तार आरोपियों में सरगराम नेताम मोहपाल गौरीपदर की प्राथमिक
शाला में शिक्षक के पद पर पदस्थ है। वहीं बावन राम नेताम मोहपाल गोरीपदर पारा का
निवासी बताया गया है। मामला थाना बड़ेडोगर में अपराध क्रमांक 22/2026 के तहत दर्ज है। विवेचना के दौरान सामने आए बयानों और अन्य तथ्यों के
आधार पर दोनों आरोपियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद पुलिस ने उन्हें
गिरफ्तार किया।
30 सितंबर को मिला था सरपंच
का शव
गौरतलब है कि 30 सितंबर की सुबह सरपंच मंगल सिंह मरकाम घायल अवस्था में जंगल किनारे मिले
थे। उनके सिर पर चोट के निशान थे। परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे,
लेकिन चिकित्सको ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। न्यायालयीन दस्तावेजो
में हत्या की पूर्व योजना और आरोपियों के बीच बातचीत से जुड़े तथ्यों का भी उल्लेख
किया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
जंगल में घात लगाकर बैठे थे आरोपी
पुलिस के मुताबिक,
29 सितंबर की रात सरपंच के गांव आने की सूचना मिलने पर सभी आरोपी
पड़ाड़ी मार्ग और नदी किनारे जंगल मे घात लगाकर बैठ गए। सरपंच के वहां पहुंचने पर
आरोपियों ने उसे पकड़ लिया और उसके हाथ बांध दिए। इसके बाद आरोपियों ने थप्पड़,
चप्पल, लोहे की रॉड और डंडे से सरपंच के साथ
बेरहमी से मारपीट की। गंभीर रूप से घायल होने के बाद सरपंच की मौत हो गई।
पहले 7
आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
पुलिस की जांच के दौरान आरोपी मिट्ठू
राम नेताम से पूछताछ में सरपंच मंगल सिंह मरकाम के आरोपी परिवार की एक महिला से
कथित प्रेम प्रसंग की चर्चा को लेकर पुरानी रंजिश की बात सामने आई। मामले में
पुलिस ने इससे पहले सात आरोपियो मिट्ठू राम नेताम (45), श्रवण कुमार नेताम (20), अमित कुमार नेताम (20),
लखन नेताम (25), नब्बू वट्टी (28), राकेश मंडावी (21) और प्रभु लाल नेताम (20) को 1 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार
किया था। अब शिक्षक सरगराम नेताम और बावन राम नेताम की गिरफ्तारी के बाद मामले में
पुलिस की जांच और आगे बढ़ गई है। पुलिस पूरे घटनाक्रम में आरोपियों की भूमिका और
अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।