रायपुर : राज्य सरकार के 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ओरछा में आयोजित एक दिवसीय विशेष स्वास्थ्य शिविर दूरस्थ अंचलों के ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हुआ। शिविर में क्षेत्र के 237 से अधिक मरीजों ने पहुंचकर एक ही छत के नीचे विभिन्न जटिल बीमारियों के निःशुल्क इलाज और जांच सुविधाओं का लाभ उठाया।
स्वास्थ्य दल
द्वारा शिविर में व्यापक पैथोलॉजी एवं नैदानिक सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। मलेरिया
उन्मूलन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए 169 लोगों की जांच की गई, जिनमें 41 मरीज पीएफ और 7 मरीज पीवी पॉजिटिव पाए गए। इसी
प्रकार कुपोषण और एनीमिया की रोकथाम के लिए 146 लोगों के
हीमोग्लोबिन की जांच की गई, जिसमें 39 ग्रामीणों
में रक्त की कमी दर्ज की गई।
मधुमेह नियंत्रण
अभियान के तहत 138 लोगों
की रक्त शर्करा की जांच में 6 मरीज उच्च शर्करा स्तर से
पीडि़त मिले, जिन्हें तत्काल आवश्यक दवाएं और परामर्श दिया
गया। इसके अलावा उच्च रक्तचाप और सिकल सेल से पीडि़त मरीजों की पहचान कर उनकी
निरंतर चिकित्सा देखभाल का मार्ग प्रशस्त किया गया।
मातृ एवं शिशु
स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए शिविर में 19
गर्भवती महिलाओं का पंजीयन कर उनकी प्रसव पूर्व जांच की गई।
ग्रामीणों को विशेषज्ञ सेवाएं प्रदान करने हेतु नेत्र जांच, दंत
चिकित्सा, टीबी रोग की पहचान के लिए बलगम के नमूने संग्रह
करने के साथ-साथ एचआईवी, हेपेटाइटिस, डेंगू,
टाइफाइड, लिवर, किडनी और
थायरॉइड जैसी आवश्यक जांचें भी मौके पर ही की गईं।
डिजिटल स्वास्थ्य
सेवाओं का विस्तार करते हुए शिविर में दो पात्र हितग्राहियों के ऑन-द-स्पॉट
श्आयुष्मान कार्डश् भी तैयार किए गए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार
शिविर में चिन्हित सभी मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि उन्हें आगे भी सुलभ और गुणवत्तापूर्ण
उपचार मिलता रहे।