रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं और बच्चों के बेहतर पोषण के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों से समुदाय की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ की भावना के साथ जशपुर जिले में ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
इसी क्रम में शुक्रवार को जिले के 53
क्लस्टर के 212 आंगनबाड़ी केंद्रों में विविध
गतिविधियों के माध्यम से पोषण और जनभागीदारी का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में ‘मेरी आंगनबाड़ी, मेरी जिम्मेदारी’ विषय पर समुदाय को जागरूक करते हुए बताया गया कि बच्चों और माताओं के
बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों में परिवार और
समुदाय की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है।
माताओं को दी पोषण की
जानकारी, दिलाई
गई पोषण प्रतिज्ञा
आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम के दौरान
गर्भवती एवं धात्री माताओं को पोस्टर एवं जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से
संतुलित और पौष्टिक आहार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। पोषण माह के
अंतर्गत आयोजित विभिन्न गतिविधियों में उपस्थित लोगों को सही पोषण के प्रति जागरूक
करने के साथ पोषण प्रतिज्ञा भी दिलाई गई।
पोषण को प्राथमिकता देने
वाली माताओं को ‘पोषण
शक्ति सम्मान’
कार्यक्रम की विशेष पहल के रूप में
महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से प्राप्त राशि का उपयोग
स्वयं एवं बच्चों के पोषण पर करने वाली माताओं को ‘पोषण
शक्ति सम्मान’ प्रदान किया गया। इस पहल के माध्यम से परिवार
में माताओं और बच्चों के बेहतर पोषण को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित किया
जा रहा है।
6 अक्टूबर तक
आंगनबाड़ी केंद्रों में चलेगा अभियान
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा
आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में 25
सितंबर से 6 अक्टूबर 2026 तक निरंतर आयोजित किया जाएगा। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों की
सहभागिता से विभिन्न गतिविधियां आयोजित होंगी। साथ ही उत्कृष्ट
कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और हितग्राहियों को सम्मानित किया जाएगा।
आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का
उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों और समुदाय के बीच जुड़ाव को मजबूत करना,
माताओं एवं बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के प्रति जागरूकता बढ़ाना
तथा जनभागीदारी के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को और अधिक सशक्त बनाना है।